खराब निकली महिला की विग, 8 साल बाद मिला न्याय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक महिला ने 2008 में बालों का विग खरीदा था लेकिन वो खराब निकला, जिसके बाद उसने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में मुंबई के एक क्लीनिक को दोषी पाया और खराब विग के लिए शिकायतकर्ता 37 हजार रुपए लौटाने का फैसला सुनाया। फोरम ने क्लीनिक पर महिला की मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया।
बता दें कि मुंबई के कांदिवली की रहने वाली एक महिला ने 13 मई 2008 में ब्रिकोविट्स कॉस्मेटिक एंड स्किन क्लिनिक खार से 1800 रुपए में एक विग खरीदा था। वह विग खराब निकाल। महिला ने आपत्ति जताई तो क्लिनिक के एक कर्मचारी ने उसे वही विग इस्तेमाल करने को कहा और साथ ही यह भी कहा कि यदि ठीक न हो तो वापस कर देना, लेकिन जब वो महिला विग वापस करने गई तो उससे कहा गया कि आपको 5000 रुपए और देने होंगे। जिसमें अभी आप 1000 रुपए जमा कर दें बाकी विग तैयार होने के बाद।
फोरम ने 37 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
महिला ने क्लीनिक की बात मानकर पैसे जमा भी कर दिए। लेकिन क्लीनिक वालों ने विग बदला नहीं, बल्कि उसी को रिपेयर कर दिया। महिला ने क्लीनिक वालों से इसकी शिकायत की, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।
आखिर में महिला ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर 19000 रुपए की मांग की। जब अदालत में केस चला तो क्लीनिक ने सभी आरोपों का खंडन किया, साथ ही महिला पर आरोप लगाया कि उसने तो वही विग उसी समय स्वीकार कर लिया था।
क्लीनिक की तरफ से महिला पर यह भी आरोप लगाया गया कि वह विग बदलने दो महीने बाद आई थी, जबकि वापसी के लिए कुछ दिनों का ही समय दिया था।
मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने क्लीनिक की सेवा में कमी पाई, जिसके बाद फोरम ने क्लीनिक पर 10 प्रतिशत ब्याज के साथ 17000 रुपए वापस करने के कहा। जुर्माने के तौर पर महिला के मानसिक उत्पीड़न के लिए क्लीनिक पर 10000 रुपए और कानूनी खर्चे के लिए 10000 रुपए का जुर्माना लगाया।