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पिंक पुलिस अधिकारी का अहंकार: एक पिता व बेटी को बताया चोर, वीडियो देख पसीजा केरल हाईकोर्ट का दिल
Mon, 29 Nov 2021 06:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, कोच्चि
पीटीआई, कोच्चि
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 29 Nov 2021 06:57 PM IST
सार
जस्टिस देवन रामचंद्रन ने घटना का पांच मिनट का वीडियो देखने के बाद कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लड़की को शुरू से आखिर तक रोते हुए देखा जा सकता है, लेकिन पुलिस अधिकारी टस से मस नहीं हुई। यहां तक की उसने पिता व उसकी बेटी को रोक कर रखा।
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kerala high court
- फोटो : PTI
विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने राज्य की एक पिंक महिला पुलिस अधिकारी के रौब व अहंकार पर कड़ी नाराजगी प्रकट की है। अगस्त में महिला अधिकारी ने एक पिता व उसकी बेटी पर उसका मोबाइल चुराने का आरोप लगाते हुए उनसे बुरी तरह विवाद किया था। घटना का वीडियो देखकर हाईकोर्ट ने दुख व वेदना जताई और टिप्पणी की कि 'महिला अधिकारी का आचरण खाकी का विशुद्ध अहंकार व घमंड दर्शाता है।'
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जस्टिस देवन रामचंद्रन ने घटना का पांच मिनट का वीडियो देखने के बाद कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लड़की को शुरू से आखिर तक रोते हुए देखा जा सकता है, लेकिन पुलिस अधिकारी टस से मस नहीं हुई। यहां तक की उसने पिता व उसकी बेटी को रोक कर रखा।
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हाईकोर्ट ने कहा कि एक महिला व मां होने के नाते पुलिस अधिकारी को रोती बच्ची के आंसू देखकर थोड़ा पिघलना था और बच्ची को दिलासा देना थी। जस्टिस रामचंदन ने कहा 'घटना के दृश्य व्यथित करने वाले हैं। इन्होंने मुझे दुखी किया। लड़की पूरे वक्त रोती रही। वह दहशत में थी। हर बच्चा जब अपने पिता पर आरोप लगते हैं और वह भी पुलिस द्वारा आरोप लगते देखता है तो इसी तरह भयभीत होता है। यह तब और गंभीर हो जाता है, जब पीड़ित समाज के कमजोर तबके के होते हैं।
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जस्टिस रामचंद्रन ने कहा, 'मामले से बेहतर ढंग से निपटा जा सकता था। महिला अधिकारी को थोड़ा झुकना था और बच्ची से माफी मांगना थी और उसे चॉकलेट दिलाना थी और उसके बाद मामले से निपटना था। इसके बजाए महिला अधिकारी अपनी कार्रवाई को उचित बताती रही। यह ज्ञान की कमी नहीं बल्कि खाकी का अहंकार व घमंड है।'
यह कैसी पिंक पुलिस है? ऐसी पुलिस की जरूरत क्या है?
हाईकोर्ट ने सवाल किया कि यह कैसी पिंक पुलिस है? जब बच्ची ने रोना शुरू किया तो उसके पास कोई नहीं गया? ऐसी पिंक पुलिस की जरूरत क्या है?
पुलिस के ऐसे व्यवहार से खुदकुशी करते हैं लोग
हाईकोर्ट ने मामले में सख्त नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस के ऐसे ही व्यवहार से लोग आत्महत्या करते हैं। एक पुलिस अधिकारी की कथित प्रताड़ना से तंग आकर कानून की तीसरे साल की छात्रा मोफिया परवीन द्वारा आत्महत्या करने का परोक्ष जिक्र करते हुए कोर्ट ने यह बात कही। परवीन दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा की शिकायत करने थाने गई थी।
कोर्ट ने डीजीपी को इस मामले पर ध्यान देने और इसे जुड़ी महिला पिंक अधिकारी के तबादले का आदेश देते हुए 7 दिसंबर को अगली सुनवाई के वक्त मामले से संबंधित अन्य दस्तावेज पेश करने और प्रताड़ना से बच्ची को लगे मानसिक व भावनात्मक आघात व उसके उपचार को लेकर रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया।
27 अगस्त को हुई थी घटना
यह घटना 27 अगस्त को हुई थी जब अत्तिंगल निवासी जयचंद्रन अपनी आठ साल की बेटी के साथ मूनुमुक्कू पहुंचे, जो थुंबा स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के लिए एक बड़े मालवाहक की आवाजाही देखना चाहती थी। तभी वहां पिंक पुलिस अधिकारी रजिता यातायात प्रबंधन में जुटी थीं। रजिता ने पिता पुत्री पर पुलिस वाहन में रखा उसका मोबाइल फोन चुराने का आरोप लगाया था। इस घटना के वायरल वीडियो में रजिता और उनके सहयोगी को जयचंद्रन व उनकी बेटी को परेशान करते दिखे। यहां तक कि जयचंद्रन व
उनकी बेटी की तलाशी लेते हुए भी देखा गया।