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सरकार की सख्ती का असर: बच्चों के यौन शोषण मामलों की जानकारी खुद पुलिस को देगी मेटा, ऑनलाइन सेफ्टी होगी मजबूत

Tue, 15 Sep 2026 09:44 AM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 15 Sep 2026 09:44 AM IST
सार

भारत सरकार की सख्ती के बाद मेटा ने बाल यौन शोषण के मामलों की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और भारतीय कानूनों का पालन नहीं करने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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Govt sources confirm Meta agrees to report child abuse cases to law enforcement agencies in india
मेटा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की सूचना संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत में काम करने वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक ‘मूलभूत सिद्धांत’ है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

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बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सरकारी सूत्रों ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने में विफल रहने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। सरकार ने नाबालिगों को हानिकारक सामग्री और गतिविधियों से बचाने की जिम्मेदारी को लेकर प्लेटफॉर्म के प्रति अपना सख्त रुख स्पष्ट किया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ भी लगातार बातचीत कर रही है, ताकि वे ऐसी सामग्री की सक्रिय रूप से पहचान कर उसे हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
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बाल यौन शोषण के मामलों की होगी रिपोर्टिंग
सूत्रों के अनुसार, मेटा ने बाल यौन शोषण के मामलों की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऑनलाइन दुनिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में यह पहला कदम है और इस दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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हानिकारक सामग्री पर सरकार की नजर
सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद हानिकारक सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए लगातार उनसे संपर्क में है। सूत्रों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री की सक्रिय रूप से पहचान करें और उसे अपने मंच से हटाएं।

सीएसएएम और डीपफेक पर बढ़ी निगरानी
सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हानिकारक और अवैध ऑनलाइन सामग्री, जिसमें बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) और डीपफेक शामिल हैं, को लेकर निगरानी और सख्त कर दी है।

मेटा को पहले भी जारी किया गया था नोटिस
सरकार ने ऐसी सामग्री से निपटने के तरीके को लेकर मेटा को नोटिस भी जारी किया था। हाल ही में केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी के वैश्विक स्तर के अधिकारियों को भारत तलब किया था। इस दौरान सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म से हानिकारक सामग्री को तेजी से हटाने, बच्चों और अन्य उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए मजबूत उपाय करने तथा अपनी जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया था।


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भारतीय कानून का पालन नहीं करने पर सख्त चेतावनी
केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारतीय कानूनों का पालन नहीं करने की स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि प्लेटफॉर्म न केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करें, बल्कि हानिकारक और अवैध सामग्री की पहचान कर उसे सक्रिय रूप से हटाने के लिए भी प्रभावी तंत्र विकसित करें।

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