आईआईटी मद्रास के वर्चुअल रियलिटी मॉडल ने की मिस्र के बच्चे के दिल की सर्जरी

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Updated Sun, 31 May 2020 02:32 PM IST
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दिल की सर्जरी (सांकेतिक फोटो)
दिल की सर्जरी (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • आईआईटी मद्रास के वर्चुअल रियलटी मॉडल से दिल की सर्जरी
  • मिस्र में रहने वाले 11 साल के बच्चे की दिल की सर्जरी की
  • अमेरिका और यूरोप के अस्पतालों ने इलाज के लिए मना कर दिया था

विस्तार

आईआईटी मद्रास की ओर से विकसित की गई एक वर्चुअल रियलटी मॉडल की मदद से मिस्र के 11 वर्षीय बालक की सर्जरी आसानी से की गई। इस बच्चे को जानलेवा ह्दयरोग से पीड़ित था। चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में इस तकनीक की मदद से बच्चे को हार्ट पंप लगाया था।
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अमेरिका और यूरोप के कई बड़े अस्पतालों ने बच्चे का इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद इस बच्चे को भारत लाया गया। एमजीएम हेल्थकेयर में इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट ऐंड लंग ट्रांसप्लांट के निदेशक डॉ. के.के. बालकृष्णन ने बताया कि भारत में यह इस तरह की पहली सफल प्रतिरोपण सर्जरी है।
अमेरिका में इस तरह की सर्जरी दो बार की गई है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ आर्टिफीशियल इंटरनल ऑर्गन्स के सालाना सम्मेलन में सोमवार को इसे पेश किया जाएगा। कोरोना की वजह से  यह सम्मेलन वर्चुअल तरीके से हो रहा है।
डॉ बालकृष्णन के मुताबिक लड़का रेस्ट्रिक्टिव कार्डियोमायोपैथी और गंभीर पल्मोरी हाइपरटेंशन (फेफड़ों में भारी दबाव) जैसे जानलेवा रोग से पीड़ित था। लॉकडाउन लागू होने से पहले उसे एयर एम्बुलेंस की मदद से काहिरा से यहां लाया गया था।

डॉ बालकृष्णन ने कहा कि चेन्नई पहुंचने के बाद बच्चे के दिल की हालत और खराब हो गई। डॉक्टर के पास एक मात्र विकल्प यह था कि क्या किसी तरह हृदय के बाएं निलय से बाकी के शरीर में रक्त प्रवाह करने में मदद के लिए बैटरी-चालित मेकेनिकल पंप लगाया जा सकता है।

इसके बाद डॉ बालकृष्णन ने आईआईटी मद्रास के इंजीनियरिंग डिजाइन विभाग से संपर्क किया और पता लगाया कि क्या बच्चे के सीटी स्कैन से कोई वर्चुअल रियलिटी मॉडल और पंप बनाया जा सकता है। 

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर कृष्ण कुमार ने बताया कि आईआईटी मद्रास में एक वर्चुअल मॉडल बनाया गया, जिसे कम्प्यूटर गेम की तरह 3डी ग्लास वाला हैड लगाकर पंप को आभासी तरीके से कई स्थितियों में लगाकर देखा गया ताकि प्रक्रिया संभव हो सके। जब विश्वास हो गया तो प्रतिरोपण किया गया, जो पूरी तरह से सफल हुआ।

उन्होंने बताया कि बच्चे की हालत तेजी से सुधरी, उसका वजन बढ़ा और उसने हिंदी फिल्मों के गीतों पर नाचना तक शुरू कर दिया। अब वे यात्रा पाबंदियां समाप्त होने के बाद काहिरा लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
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