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Train Blasts: 'क्या ATS पर कार्रवाई करेगी सरकार?' लोकल ट्रेन धमाकों के आरोपियों के बरी होने पर ओवैसी का सवाल

Mon, 21 Jul 2025 03:39 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: बशु जैन Updated Mon, 21 Jul 2025 03:39 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में 12 दोषियों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर की। इस पर एआईएमआईएम के प्रमुख ओवैसी ने सवाल उठाया है। 

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'Will the govt take action against ATS?' Owaisi's question on acquittal of accused of local train blasts
असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI

विस्तार

2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में 12 दोषियों के निर्दोष निकलने और बरी होने पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया है। ओवैसी ने सरकार से पूछा है कि क्या वह ट्रेन विस्फोट मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
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एक्स पर एक पोस्ट में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि बारह मुस्लिम पुरुष 18 साल तक उस अपराध के लिए जेल में रहे जो उन्होंने किया ही नहीं था। उनके सुनहरे दिन बीत गए। 180 परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। कई घायल हुए। उनके लिए कोई राहत नहीं है। क्या सरकार इस मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र एटीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
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ये भी पढ़ें: क्यों बरी किए गए मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट के आरोपी, बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्या कहा?
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उन्होंने आरोप लगाया कि 2006 में महाराष्ट्र में सत्ता में रही पार्टियां भी यातना की शिकायतों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को अक्सर जेल में डाल दिया जाता है। जब वर्षों बाद उन्हें बरी किया जाता है, तो उनके पास अपना जीवन फिर से शुरू करने का कोई रास्ता नहीं बचता।


उन्होंने आगे कहा कि गिरफ्तारी के बाद से 17 वर्षों में आरोपी एक बार भी जेल से बाहर नहीं आए। अक्सर सार्वजनिक गुस्सा पैदा करने वाले हाई-प्रोफाइल मामलों में पुलिस दोष मानकर जांच शुरू करती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और मीडिया जिस तरह से मामले की रिपोर्टिंग करता है, उससे अक्सर ऐसी कहानी गढ़ी जाती है जिसमें आरोपी को दोषी घोषित कर दिया जाता है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि ऐसे कई आतंकी मामलों में जांच एजेंसियां हमें बुरी तरह से विफल कर चुकी हैं। 



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बॉम्बे हाईकोर्ट ने 12 आरोपियों को किया बरी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में 12 दोषियों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर की। जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चांडक की पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपराध में इस्तेमाल हुए बमों को रिकॉर्ड पर पेश नहीं कर सका। साथ ही जिन सबूतों के आधार पर आरोपियों पर आरोप लगाए गए हैं, उसके आधार पर उनको दोषी नहीं ठहराया जा सकता। 


 
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