प्रियंका का चुनाव प्रचार लगाएगा उ.प्र. में कांग्रेस की नैय्या पार
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कांग्रेस महासचिव और उ.प्र. के प्रभारी गुलाम नबी आजाद लगातार सक्रिय हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने उ.प्र. के चुनाव प्रचार को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, कांग्रेस के नेता और प्रमोद तिवारी और संजय सिंह के साथ मंत्रणा की। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का कार्यालय लगातार उ.प्र. जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। सूत्र बताते हैं कि प्रियंका लगातार राज्य में चुनाव प्रचार अभियान के बाबत जानकारी ले रही हैं।
बताते हैं प्रशांत किशोर के राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद लगे झटके से कांग्रेस के नेता अभी तक नहीं ऊबर पा रहे हैं। उन्हें कहीं न कहीं यही लग रहा है कि प्रशांत किशोर के प्रचार की स्टाइल पर चलकर पार्टी को जितना जमीनी फायदा हुआ, इस घटना के बाद से कहीं अधिक नुकसान हुआ है। फिलहाल सभी की निगाहें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने वाले अगले दिशा-निर्देश पर टिकी हैं।
सूत्र बताते हैं कि पहले पार्टी की योजना प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन 19 नवंबर से ही राज्य में प्रचार अभियान का अगला चरण शुरू करने की थी। प्रियंका गांधी को चुनाव प्रचार में उतारकर स्टार प्रचारक का संदेश देना था, लेकिन 500 और एक हजार के नोट के विमुद्रीकरण से परेशान जनता की स्थिति तथा राज्य की राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनजर इसे कुछ समय के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
प्रियंका करेंगी नैय्या पार
प्रियंका गांधी की सक्रियता को लेकर कोई अधिकारिक रूप से कुछ नहीं बोलता, लेकिन प्रदेश पार्टी अध्यक्ष राजबब्बर समेत सूबे के कई नेताओं को भरोसा है कि प्रियंका राज्य में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगी। पार्टी के एक महासचिव का भी कहना है कि प्रियंका गांधी राज्य के चुनाव प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगी। सूत्र बताते हैं कि प्रियंका के प्रचार में हिस्सा लेने का खाका तैयार हो चुका है। हालांकि सूत्रों का कहना है प्रियंका के प्रचार में उतरने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य क्या पूरे देश में जनता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका को चाहती है। राहुल गांधी पहले से ही लोगों के बीच में हैं और प्रियंका गांधी के प्रचार के लिए आने के बाद प्रचार अभियान काफी तेजी से रफ्तार पकड़ेगा।
गाड़ी को पटरी पर लाने की कवायद
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बनारस दौरे के दौरान उमड़ी भीड़ ने कांग्रेसियों को उत्साह से भर दिया था। इसके बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष की किसान यात्रा और खाट पंचायत के पहले, दूसरे चरण की सफलता से पार्टी के नेता गदगद थे। किसान यात्रा के बाद संदेश यात्रा शुरू होनी थी।
इसे स्थानीय और प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के दमपर किया जाना था, लेकिन सूत्र बताते हैं कि प्रबंधन खामियों के चलते सफल नहीं हो सकी। इसके बाद महागठबंधन की चर्चा ने पार्टी के अभियान की धार को बड़ा झटका दिया। सूत्र बताते हैं अब सिे पटरी पर लाने के लिए पार्टी के रणनीतिकार सक्रिय हैं। इसमें कांग्रेस प्रचार अभियान के प्रमुख रणनीतिकार की भूमिका समेत अन्य सभी पहलुओं पर मंथन जारी है।
19 नवंबर को मिलेगा संकेत
कांग्रेस रणनीतिकारों के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन 19 नवंबर के दिन पार्टी बड़ी राजनीतिक लाइन ले सकती है। इंदिरा जी का 100वां जन्मदिन विज्ञान भवन में मनाने की तैयारी है और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस दौरान अपना वक्तव्य देंगे। इंदिरा जी के जन्मदिवस समारोह को कांग्रेस के प्रचार अभियान की दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।