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क्या वापस आएंगे बंगाल के प्रवासी मजदूर?: सीएम शुभेंदु का बड़ा एलान, कहा- साल में 34500 रुपये देने की गारंटी

Wed, 04 Nov 2026 04:26 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 04 Nov 2026 04:26 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों से घर लौटने की अपील की है। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के तहत 125 दिन काम और सालाना 34,500 रुपये की गारंटी का हवाला दिया है। सरकार 22 करोड़ मानव कार्य दिवस का लक्ष्य लेकर चल रही है। लेकिन क्या यह योजना प्रवासी मजदूरों को बंगाल वापस लाने में सफल होगी? क्या गांवों में पर्याप्त रोजगार मिलेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Will migrant workers from Bengal return CM Suvendu makes a major announcement for  work guarantee
क्या है 125 दिन काम की गारंटी वाली योजना और मजदूरों को कितना मिलेगा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दूसरे राज्यों में काम करने वाले बंगाल के प्रवासी मजदूरों से अपने घर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार की वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रत्येक जॉब कार्ड धारक को साल में 125 दिन काम की गारंटी दी जा रही है। इसके लिए सालाना 34,500 रुपये की आय सुनिश्चित की गई है। अधिकारी ने मजदूरों से कहा कि वे दूसरे राज्यों में काम करने के बजाय अपने परिवार के साथ बंगाल में ही रोजगार करें। उनका कहना है कि इस योजना से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों को अपने घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
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क्या है 125 दिन काम की गारंटी वाली योजना और मजदूरों को कितना मिलेगा?
शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को पंचायत विभाग के अधिकारियों और पंचायत मंत्री दिलीप घोष के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में वीबी-जी राम जी योजना के तहत मिल रहे रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना में हर जॉब कार्ड धारक को साल में 125 दिन काम देने की गारंटी है। इसके बदले 34,500 रुपये सालाना मिलने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी मजदूरों से अपील की कि वे अपने राज्य वापस आएं और परिवार के साथ रहकर काम करें। उन्होंने कहा कि योजना के तहत रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को काम मिले। इससे दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाने वाले लोगों को अपने घर के आसपास ही रोजगार मिल सकेगा।
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बंगाल में कितने लोगों को मिला रोजगार और सरकार का अगला लक्ष्य क्या है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को 22 करोड़ मानव कार्य दिवस तैयार करने का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर 12,000 करोड़ रुपये के कामों का आवंटन किया है। अधिकारी के मुताबिक, अब तक 65.62 लाख मानव कार्य दिवस तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, रोजाना रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या 7.09 लाख तक पहुंच गई है। पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि सरकार दिसंबर तक रोजाना रोजगार पाने वालों की संख्या बढ़ाकर 10 लाख करना चाहती है। हालांकि, सरकार का दीर्घकालीन लक्ष्य इसे 17 लाख तक पहुंचाने का है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को अगले दो साल में राज्य का आदर्श विभाग बनाया जाएगा। इसके लिए विभाग के कामकाज में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
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पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप, कितने फर्जी जॉब कार्ड रद्द हुए?
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में भ्रष्टाचार के कारण कम से कम 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि मनरेगा के दौरान केंद्र सरकार ने बंगाल में 31 लाख फर्जी जॉब कार्ड रद्द किए थे। इसके बाद केंद्र से मंजूरी मिलने पर राज्य सरकार ने आधार से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने का काम किया। इस प्रक्रिया के बाद करीब 10 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे पात्र लोगों तक रोजगार योजना का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। जॉब कार्ड से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पंचायत विभाग में कितनी भर्तियां होंगी और कब तक मिलेगी तैनाती?
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायत प्रशासन को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से 7,190 कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दी है। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद भर्ती के नियमों में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद चयनित कर्मचारियों को अप्रैल 2027 तक तैनात करने की योजना है। इसके अलावा कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए एक साल के अनुबंध पर 1,000 अन्य कर्मचारियों की भी भर्ती की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि न्यू टाउन में पांच एकड़ जमीन पर पंचायत भवन बनाया जाएगा। यह प्रस्तावित कलकत्ता हाईकोर्ट और राज्य विधानसभा की जगहों के पास होगा। इसके साथ ही 375 कार्य योजनाओं की जानकारी देने वाली एक पुस्तिका भी प्रकाशित की गई है। इसे ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। इन योजनाओं का प्रचार लोकगीत और दूसरे माध्यमों से किया जाएगा, ताकि गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।


ग्रामीण आवास योजना के तहत कितने लोगों को मिलेंगे घर?
पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने ग्रामीण आवास योजना को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जिन 47 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिल पाए थे, उन्हें अगले दो वर्षों में मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवास से वंचित लोगों को घर देने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इस तरह राज्य सरकार रोजगार, पंचायत प्रशासन और ग्रामीण आवास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। शुभेंदु अधिकारी की प्रवासी मजदूरों से घर लौटने की अपील भी इसी रोजगार योजना का हिस्सा है। अब देखना होगा कि 125 दिन काम और सालाना 34,500 रुपये की गारंटी का भरोसा दूसरे राज्यों में काम कर रहे बंगाल के मजदूरों को वापस लौटने के लिए कितना प्रेरित करता है।
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