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कभी चीन तो कभी अमेरिका: राहुल की विदेशी मुलाकातों पर भाजपा ने उठाए सवाल, पूछा-किसके इशारे पर काम कर रहे गांधी?
Wed, 04 Nov 2026 06:22 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, पणजी।
पीटीआई, पणजी।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 04 Nov 2026 06:22 PM IST
सार
भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी की विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों से मुलाकातों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2017 से 2024 के बीच हुई पांच घटनाओं का हवाला देते हुए विदेशी ताकतों के प्रभाव की आशंका जताई। सिन्हा ने राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस मुद्दे पर बहस करने की मांग की। साथ ही उन्होंने एसआईआर, मोदी सरकार की विदेश नीति और 2029 के चुनाव को लेकर भी कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
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तुहिन सिन्हा, भाजपा प्रवक्ता
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेशों में नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकातों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी गतिविधियों से बार-बार भारत को शर्मिंदा कर रहे हैं। उन्होंने इन मुलाकातों का हवाला देते हुए यहां तक सवाल उठाया कि कहीं राहुल गांधी के पीछे कोई विदेशी ताकत तो काम नहीं कर रही है? बुधवार को पणजी में पीटीआई से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता से इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
किन पांच घटनाओं का हवाला देकर भाजपा ने सवाल उठाए?
तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी से जुड़ी पांच घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को लेकर सवाल उठने चाहिए कि विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ राहुल गांधी की मुलाकातों का मकसद क्या था? भाजपा प्रवक्ता ने जिन घटनाओं का उल्लेख किया, वे इस प्रकार हैं:-
विदेशी ताकतों के प्रभाव को लेकर क्या बोले भाजपा प्रवक्ता?
तुहिन सिन्हा ने कहा कि ये केवल पांच उदाहरण हैं, जबकि ऐसी और भी कई घटनाएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं को देखने के बाद ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को कोई विदेशी ताकत नियंत्रित कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता से इस बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विदेशी प्रभाव के आरोपों पर खुली बहस करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने का काम किया है।
मोदी सरकार की विदेश नीति के बचाव में क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों का बचाव भी किया। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में भारत के रुख और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल खरीद से जुड़े फैसलों का हवाला दिया। सिन्हा ने दावा किया कि सरकार के इन फैसलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के हितों को प्राथमिकता मिली है।
एसआईआर और 2029 के चुनाव को लेकर क्या बोले सिन्हा?
तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी थी, लेकिन कांग्रेस नेता इससे बच रहे हैं। सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जिम्मेदारी और सच्चाई का सामना करने से पीछे हटते हैं और उनमें संसद में मुद्दों पर चर्चा करने का भरोसा नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार एक साल से ज्यादा नहीं चलेगी, राहुल गांधी की इस भविष्यवाणी पर भी उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी राहुल गांधी सरकार के छह महीने में गिरने की बात करते हैं तो कभी एक साल में। सिन्हा ने दावा किया कि मोदी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और 2029 में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले एक दशक तक मोदी सरकार सत्ता में बनी रहेगी और मतदाता कांग्रेस नेता की नकारात्मक राजनीति को बार-बार खारिज कर चुके हैं।
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किन पांच घटनाओं का हवाला देकर भाजपा ने सवाल उठाए?
तुहिन सिन्हा ने राहुल गांधी से जुड़ी पांच घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को लेकर सवाल उठने चाहिए कि विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ राहुल गांधी की मुलाकातों का मकसद क्या था? भाजपा प्रवक्ता ने जिन घटनाओं का उल्लेख किया, वे इस प्रकार हैं:-
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- 2017 का डोकलाम विवाद: भारत और चीन के बीच डोकलाम गतिरोध के दौरान राहुल गांधी की चीनी अधिकारियों से कथित मुलाकात का जिक्र किया।
- 2021 में अमेरिकी राजदूत से बातचीत: चीन में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स के साथ राहुल गांधी की ऑनलाइन बातचीत पर सवाल उठाए।
- 2022 में जेरेमी कॉर्बिन से मुलाकात: ब्रिटेन के राजनेता जेरेमी कॉर्बिन के साथ राहुल गांधी की मुलाकात का हवाला दिया।
- 2023 में इल्हान उमर से मुलाकात: अमेरिकी कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर के साथ उनकी मुलाकात को लेकर सवाल खड़े किए।
- 2024 का अमेरिका दौरा: आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सिख समुदाय के लोगों को यह कहकर भड़काने की कोशिश की कि भारत में सिखों को गुरुद्वारों में जाने की अनुमति नहीं है।
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विदेशी ताकतों के प्रभाव को लेकर क्या बोले भाजपा प्रवक्ता?
तुहिन सिन्हा ने कहा कि ये केवल पांच उदाहरण हैं, जबकि ऐसी और भी कई घटनाएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं को देखने के बाद ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को कोई विदेशी ताकत नियंत्रित कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता से इस बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विदेशी प्रभाव के आरोपों पर खुली बहस करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत करने का काम किया है।
मोदी सरकार की विदेश नीति के बचाव में क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों का बचाव भी किया। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में भारत के रुख और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल खरीद से जुड़े फैसलों का हवाला दिया। सिन्हा ने दावा किया कि सरकार के इन फैसलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के हितों को प्राथमिकता मिली है।
एसआईआर और 2029 के चुनाव को लेकर क्या बोले सिन्हा?
तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती दी थी, लेकिन कांग्रेस नेता इससे बच रहे हैं। सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जिम्मेदारी और सच्चाई का सामना करने से पीछे हटते हैं और उनमें संसद में मुद्दों पर चर्चा करने का भरोसा नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार एक साल से ज्यादा नहीं चलेगी, राहुल गांधी की इस भविष्यवाणी पर भी उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी राहुल गांधी सरकार के छह महीने में गिरने की बात करते हैं तो कभी एक साल में। सिन्हा ने दावा किया कि मोदी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और 2029 में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले एक दशक तक मोदी सरकार सत्ता में बनी रहेगी और मतदाता कांग्रेस नेता की नकारात्मक राजनीति को बार-बार खारिज कर चुके हैं।