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आखिर क्यों और कैसे लग रहे हैं मुहब्बत की निशानी ताजमहल पर हरे धब्बे?

Thu, 26 May 2016 02:32 PM IST
गीता पांडे / बीबीसी संवाददाता
गीता पांडे / बीबीसी संवाददाता Updated Thu, 26 May 2016 02:32 PM IST
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why tajmahal is turning green

प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले ताजमहल पर फिर से प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है। लेकिन इस बार ये कारण जरा अलग है। पर्यावरणविदों के मुताबिक ताज के पास से गुजरने वाली प्रदूषित यमुना नदी में पनप रहे कीड़े इस स्मारक में बड़े पैमाने पर घुस रहे हैं।

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वही इसके सफेद संगमरमर की दीवारों पर हरे-काले रंग के अवशेष छोड़ रहे हैं। 17वीं सदी की इस इमारत पर कई सालों से प्रदूषण, निर्माण, श्मशान घाट और यहां तक कि बम का भी खतरा मंडराता रहा है।

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प्रेम के इस प्रतीक पर भूत और भविष्य के खतरों को जानें

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ताजमहल पर बढ़ा कीड़ों का हमला - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा

1. पर्यावरणविद डीके जोशी के मुताबिक चुरोनोमस कैलिग्राफस नाम के कीड़े के कारण ताजमहल हरा हो रहा है। जोशी ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक याचिका दायर कर कहा है कि प्रदूषित यमुना से आ रहे कीड़ों के कारण ताजमहल की खूबसूरती पर धब्बा लग रहा है।
 

फोन पर बीबीसी से बात करते हुए जोशी ने कहा कि 52 नालियों से गंदा पानी सीधे यमुना में आ रहा है जिससे कीड़ों को खाने वाली मछलियां मर रही हैं। इससे नदी में कीड़े भारी मात्रा में पनप रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को अधिकारियों से इस समस्या के कारणों का पता लगाने और उसका समाधान निकालने को कहा है।

2. पत्नी मुमताज महल की याद में मुगल शहनशााह शाहजहाँ का बनाया ताज ना सिर्फ भारत का सबसे बडा पर्यटक आकर्षण का केंद्र है बल्कि ये दुनिया की सर्वश्रेष्ठ इमारतों में से एक माना जाता है। लेकिन आगरा स्थित आसपास की फैक्ट्रियों और पास की एक तेल रिफाइनरी के कारण सफेद संगमरमर से बनी इमारत साल दर साल पीली पड़ती जा रही है। 

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग इस गंदगी को निकालने के लिए दीवारों पर 'मड पैक्स' यानी मुल्तानी मिट्टी का लेप लगा रहा है। एएसआई के केमिकल डिपार्टमेंट के मनोज भटनागर ने बीबीसी को बताया कि सदियों से भारतीय नारियां अपने चेहरे पर चमक लाने के लिए जैसा लेप लगाती हैं वैसे ही लेप दीवारों पर लगाया जा रहा है।
 

"मुल्तानी मिट्टी को पानी में मिलाकर लेप तैयार किया जाता है और फिर इसे दीवारों पर लगाया जाता है। इस लेप को 24 घंटों या उससे अधिक समय के लिए सूखने के लिए छोड दिया जाता है ताकि वह पत्थर से सारी गंदगी सोख ले।" सूखने के बाद इस मिट्टी को शुद्ध पानी से धोया जाता है जिससे सारी गंदगी निकल जाए। इमारत का ये ट्रीटमेंट 1994, 2001, 2008 और 2014 में भी दिए गए थे।

3.पिछले साल अल-कायदा के ताजमहल पर हमला करने की धमकी के बाद उसकी सुरक्षा और कडी कर दी गई।

 

ताज को बचाने के लिए प्रशासन ने कौन से कदम उठाए

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ताजमहल - फोटो : getty
नवंबर 2002 में उत्तर प्रदेश सरकार ने ताजमहल के करीब एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का काम शुरू करवाया। उस समय की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ताजमहल के आसपास से हटाए जाने वाली दुकानों को वहां स्थापित किया जाएगा।
 

प्रशासन का तर्क था कि मॉल खुलने से पर्यटकों को ताज तक पहुंचने के लिए भीड और प्रदूषित सडकों पर चलकर नहीं पहुंचना पडेगा। लेकिन पर्यावरणविदों के कडे विरोध के बाद इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के पास स्थित एक श्मशानघाट को हटाने का आदेश दिया। लकडियों से चिता जलाने से उठते धुएं और राख से इमारत की दीवारों पर प्रदूषण का खतरा है। राज्य सरकार ने कार्ट के आदेश को माना लेकिन कुछ हिंदू संगठनों के विरोध के बाद इसे अभी तक हटाया नहीं जा सका है।

 

 

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