Politics: सोनिया गांधी ने तेलंगाना का ऑफर ठुकराया, राज्यसभा की राजस्थान सीट कैसे बनी कांग्रेस की पसंद? पढ़ें
सोनिया को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए राजस्थान के अलावा कई और राज्यों ने प्रस्ताव भेजा था। इन सभी राज्यों में राजस्थान के अलावा, एक नाम और शीर्ष पर था- तेलंगाना।
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कांग्रेस ससंदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगी। कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के साथ सोनिया आज जयपुर आएंगी। सोनिया को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए राजस्थान के अलावा कई और राज्यों ने प्रस्ताव भेजा था। इन सभी राज्यों में राजस्थान के अलावा, एक नाम और शीर्ष पर था- तेलंगाना। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी सोनिया ने राजस्थान क्यों चुना, आइये जानते हैं…
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो, सोनिया पार्टी को एक क्षेत्र में केंद्रित पार्टी के रूप में प्रदर्शित नहीं करना चाहती थीं। दरअसल, राहुल केरल की वायनाड सीट से लोकसभा सांसद हैं तो वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे कर्नाटक से। इसलिए सोनिया ने उत्तरी राज्य में रहने का निर्णय किया। इसलिए सोनिया सहित कांग्रेस के आलाकमान ने तेलंगाना के बजाए राजस्थान को तरजीह दी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी उत्तरप्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं। वह पांच बार लोकसभा जा चुकी हैं।
स्वागत की तैयारी में जुटे कार्यकर्ता
सोनिया गांधी के स्वागत की तैयारियों के लिए सभी कांग्रेसी विधायकों को मंगलवार को जयपुर बुला लिया गया है। उनके स्वागत कार्यक्रम और चुनावी तैयारियों को लेकर मंगलवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत के निवास पर कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई गई। शाम को यह बैठक शुरू हुई इसमें अशोक गहलोत के अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
10 राज्यसभा सीटें आती है राजस्थान में
राजस्थान में 3 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। जिनमें नामांकन दखिल करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। विधानसभा में संख्या बल के बहुमत के हिसाब से इनमें से 2 सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जानी तय है। राजस्थान में 10 राज्यसभा सीटें आती हैं। इनमें से 6 पर कांग्रेस और 4 पर बीजेपी के सांसद हैं। हालांकि कांग्रेस के टिकट पर बाहरी व्यक्तियों को सांसद बनाए जाने का मुद्दा हर बार उठता है, लेकिन सोनिया गांधी के नाम पर किसी को आपत्ति नहीं है।