Supreme Court: 'त्रासदी झेलने वाली एअर इंडिया को ही निशाना क्यों बनाना?' सुरक्षा ऑडिट की मांग वाली अर्जी खारिज
लंदन जाने वाला एअर इंडिया का विमान (बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8) 12 जून की दोपहर अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतररष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एअर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं और अन्य पहलुओं की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त शीर्ष अदालत के न्यायाधीश की नियुक्ति की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उस एयरलाइन को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जिसने दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी झेली है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी से व्यक्तिगत रूप से अपनी जनहित याचिका वापस लेने को कहा। कोर्ट ने उनसे शिकायतों के मामले में उचित मंच पर जाने को कहा।
'सिर्फ एअर इंडिया को ही क्यों?'
पीठ ने वकील गोस्वामी से पूछा, 'ऐसा न लगे कि आप दूसरी एयरलाइनों के साथ खेल रहे हैं। सिर्फ एअर इंडिया को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है, जिसने हाल ही में एक दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी देखी है? अगर आप कोई नियामक व्यवस्था चाहते हैं तो आपने अपनी याचिका में दूसरी एयरलाइनों को पक्ष क्यों नहीं बनाया? सिर्फ एअर इंडिया को ही क्यों?'
'यह किसी एयरलाइन की आलोचना करने का समय नहीं'
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह एयरलाइन के साथ हुई किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार है। इसके बाद न्यायमूर्ति कांत ने उनसे कहा, 'हम भी हर हफ्ते यात्रा करते हैं और जानते हैं कि स्थिति क्या है। एक त्रासदी हुई थी, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी। यह किसी एयरलाइन की आलोचना करने का समय नहीं है।'
याचिका में क्या?
याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने जुलाई में दायर अपनी जनहित याचिका में एअर इंडिया की सुरक्षा-रखरखाव प्रक्रियाओं और परिचालन प्रोटोकॉल की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने के निर्देश देने की मांग की थी, जिसकी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर प्रस्तुत की जानी थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की ओर से मान्यता प्राप्त एक अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसी की ओर से एअर इंडिया के पूरे बेड़े का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का भी निर्देश देने की मांग की थी।