सियासत: भारत की बात करने वालों से नफरत क्यों करते हैं राहुल? थरूर विवाद पर BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भारत सरकार ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जो दुनियाभर के देशों को भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर भारत के रुख से अवगत कराएंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर को भी शामिल किया गया है। हालांकि कांग्रेस ने शशि थरूर का नाम पार्टी की ओर से प्रस्तावित नहीं किया था। जिस पर अब सियासी घमासान मचा हुआ है।
विस्तार
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख का संदेश लेकर सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश जाएंगे। जिनमें से कुछ प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व सत्तारूढ़ दलों के नेता कर रहे हैं जबकि कुछ की अगुवाई विपक्षी दलों के नेता करेंगे। एक प्रतिनिधिमंडल की कमान कांग्रेस सांसद शशि थरूर को मिली है। जिसे पर सियासी बवाल मचा हुआ है, क्योंकि कांग्रेस ने उनका नाम प्रस्तावित किया था। अब इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
केंद्र ने खुद थरूर का नाम किया प्रस्तावित
सरकार ने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने के लिए जिन नेताओं का चयन किया है, उनमें सत्तारूढ़ दलों से भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, एनडीए में शामिल शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा, विपक्षी दलों में कांग्रेस के शशि थरूर, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, राकांपा-एसपी की सुप्रिया सुले शामिल हैं। शशि थरूर के नाम को लेकर अब सियासत हो रही है। दरअसल कांग्रेस ने जिन चार नामों का प्रस्ताव भेजा था, उनमें शशि थरूर का नाम नहीं था। केंद्र सरकार ने थरूर का नाम खुद से प्रस्तावित किया है।
जयराम बोले- पार्टी के साथ विमर्श किए बिना सांसद नहीं ले सकते
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सरकार पार्टी से विचार विमर्श किए बिना उसके किसी सांसद को शामिल नहीं कर सकती। उनका यह भी कहा कि यह अच्छी लोकतांत्रिक परंपरा रही है कि आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसद अपनी पार्टी नेतृत्व से अनुमति लेते हैं।
जयराम रमेश ने शशि थरूर का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस में होने और कांग्रेस के होने में जमीन आसमान का फर्क है। सरकार ने इस मामले में ईमानदारी नहीं सिर्फ शरारत दिखाई है और वह ध्यान भटकाने का खेल खेल रही है क्योंकि उसका विमर्श 'पंचर' हो गया है।
So Jairam Ramesh opposes his own Congressmen Shashi Tharoor for being chosen to lead one of the Parliamentary delegation!
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) May 17, 2025
Why does Rahul Gandhi hate every individual who speaks for India, even in his own party? https://t.co/4L7cFLhMKC
भारत के लिए बोलने वालों से नफरत करते हैं राहुल- भाजपा
कांग्रेस की ओर से आई प्रतिक्रिया पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, तो जयराम रमेश अपने ही कांग्रेसी सांसद शशि थरूर का संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुने जाने का विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी भारत के लिए बोलने वाले हर व्यक्ति से नफरत क्यों करते हैं, यहां तक कि अपनी पार्टी में भी?
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कांग्रेस के दावे पर भाजपा हमलावर
कांग्रेस के बयान पर, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, इससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होने वाला है। यह कांग्रेस शासित राज्यों के लिए भी अच्छा नहीं होगा। यह राजनीति का विषय नहीं है। यह केंद्र सरकार की महानता है कि वे हर पार्टी से कुछ सांसदों को (प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए) चुन रहे हैं।
वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सूची में शामिल सांसदों में से एक (असम से) ने पाकिस्तान में लंबे समय तक रहने की बात से इनकार नहीं किया है...कथित तौर पर दो सप्ताह तक और विश्वसनीय दस्तावेजों से पता चलता है कि उनकी पत्नी भारत में काम करते हुए पाकिस्तान स्थित एक एनजीओ से वेतन ले रही थीं। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और दलगत राजनीति से परे, मैं लोकसभा के नेता राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि इस व्यक्ति को ऐसे संवेदनशील और रणनीतिक काम में शामिल न करें।
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