धूत ने एक महीने में ही क्यों छोड़ दी दीपक कोचर की कंपनी

एजेंसी, नई दिल्ली Updated Sun, 01 Apr 2018 06:18 AM IST
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आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और विडियोकान के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत में साठगांठ के आरोपों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धूत ने दीपक की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (एनआरपीएल) से एक महीने के अंदर ही इस्तीफा क्यों दे दिया।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक दीपक और धूत ने 2008 में 50-50 पार्टनरशिप में एनआरपीएल की स्थापना की थी, लेकिन धूत ने एक महीने बाद ही कंपनी के निदेशक के रूप में त्यागपत्र दे दिया और इसमें अपने शेयर दीपक के नाम ट्रांसफर कर दिए। सवाल यह है कि धूत ने यह कंपनी क्यों बनाई थी और एक महीने के अंदर ही क्यों छोड़ दी।
इसके बाद 2010 में धूत के स्वामित्व वाली सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने एनआरपीएल को 64 करोड़ रुपये का लोन दे दिया। इसके बदले में न्यूपावर के शेयर सुप्रीम एनर्जी के नाम ट्रांसफर किए गए। सुप्रीम एनर्जी मार्च, 2010 तक न्यूपावर में 94.99 फीसदी की हिस्सेदार हो गई। बाकी 4.99 फीसदी शेयर दीपक के पास रहे। 
वर्ष 2010 से 2013 के बीच सुप्रीम एनर्जी की पूरी शेयरधारिता पहले महेश पुंगलिया को और फिर बाद में उनसे दीपक के नाम नौ लाख रुपये में ट्रांसफर कर दी गई। सवाल उठता है कि क्या दीपक पर यह अहसान मुफ्त में किया गया था या फिर यह सब आईसीआईसीआई बैंक से मिले 2012 में मंजूर 3250 करोड़ रुपये के लोन के बदले किया गया था। 

क्या चंदा कोचर ने हितों के टकराव की जानकारी दी थी

जिस विडियोकान को भारी-भरकम लोन दिया गया उसके साथ अपने पति के संबंधों के बारे में क्या चंदा कोचर ने बैंक बोर्ड को जानकारी दी थी क्योंकि यह सीधे तौर पर हितों के टकराव का मामला है। इस बारे में बैंक ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उन्हें चंदा कोचर में पूरा भरोसा है, लेकिन क्या ऐसा कहने से पहले बोर्ड ने विस्तृत जांच कराई थी। 

एनपीए घोषित हो चुका है यह लोन

वर्ष 2012 में आईसीआईसीआई ने विडियोकान को जो 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया था उसमें से 2849 करोड़ रुपये अब भी बकाया है और इस लोन एकाउंट को अब एनपीए यानी डूबा हुआ ऋण घोषित किया जा चुका है।

न्यूपावर को घाटा ही घाटा

वर्ष 2008 में स्थापित न्यूपावर को 2012 से 2017 के बीच छह साल तक लगातार घाटा हुआ है। उसका कुल घाटा बढ़कर 78 करोड़ रुपये हो गया है जिसमें से 14.3 करोड़ रुपये का घाटा 2017 में दर्शाया गया है। 
 

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