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देश के बड़े शहर दिल्ली, चेन्नई और मुंबई झेल रहे हैं कोरोना की भीषण मार, लेकिन बंगलूरू में मामले कम क्यों
Thu, 18 Jun 2020 04:10 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 18 Jun 2020 04:10 PM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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देश भर के बड़े शहरों में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच बंगलूरू में इस संक्रमण के प्रसार की गति धीमी है। बुधवार तक बंगलूरू में कोरोना के 827 मामले पाए गए और अबतक 43 लोगों की जान गई है। दरअसल, एक करोड़ से अधिक आबादी वाले बंगलूरू में बाकी शहरों के मुकाबले कोरोना के कम ममाले यह बता रहा हैं कि यहां स्थिति उतनी डरावनी नहीं है, जितना की चेन्नई, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में है।
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मुंबई में 60,228 पॉजिटिव मामले और 3,167 मौतें हुई हैं। दिल्ली में 44,688 मामले और 1,837 मौतें और चेन्नई 34,245 मामले और 422 मौतें दर्ज की गई हैं। इन शहरों के आंकड़े को देखें तो यह मालूम चलता है कि बंगलूरू ने कोरोना के हालतों को काफी हद तक काबू किया है। बंगलूरू ने इसके लिए तेजी से काम किए हैं।
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बंगलूरू में कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए इसके लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में कोविड-19 नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पॉजिटिव मामलों को सुलझाने और परीक्षण परिणाम के 24 घंटे के भीतर संपर्कों की पहचान करना बड़ी सफलता रही है।
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पॉजिटिव मामलों को अलग करने और उनके संपर्कों की पहचान करने पर जोर देने का मतलब है कि शहर के नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रात-दिन उन लोगों के दरवाजे खटखटाए हैं, जो संक्रमितों के संपर्क में आए। कोविड-19 के लिए आईसीएमआर नेशनल टास्क फोर्स द्वारा गठित महामारी विज्ञान निगरानी और अनुसंधान समूह के सदस्य डॉ. गिरिधर आर बाबू ने कहा कि अगर मुझे एक वाक्य में बंगलूरू मॉडल को संक्षेप में बताना है, तो यह संपर्क का पूर्वव्यापी संकेत है। हम संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान जल्दी करने में सफल रहे हैं।
आईसीएमआर समूह द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि 22 जनवरी से 30 अप्रैल के बीच कर्नाटक ने 20 के राष्ट्रीय औसत की तुलना में प्रति पॉजिटिव कोविड मामले में 93 संपर्कों का परीक्षण किया। इसके तुलनात्मक रूप से इसी अवधि के दौरान, महाराष्ट्र और दिल्ली ने प्रत्येक कोविड-सकारात्मक व्यक्ति के लिए क्रमशः केवल 8 और 9 संपर्कों का परीक्षण किया।