फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Who is Dharmendra Pradhan?: Protested paper leaks 29 years ago; now unseated by one

कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान?: भाजपा नेता के बेटे, 29 साल पहले पेपर लीक के खिलाफ धरना दिया, अब लीक ने ही ली कुर्सी

Sat, 25 Jul 2026 03:37 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Sat, 25 Jul 2026 03:37 PM IST
विज्ञापन
सार
नीट यूजी पेपर लीक विवाद व बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दिलचस्प बात यह है कि 1997 में एबीवीपी के छात्र नेता के रूप में ओडिशा में पेपर लीक के खिलाफ लाठीचार्ज सहने वाले धर्मेंद्र प्रधान को 29 साल बाद खुद उसी मुद्दे पर कुर्सी गंवानी पड़ी।
loader
Who is Dharmendra Pradhan?: Protested paper leaks 29 years ago; now unseated by one
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नीट पेपर लीक को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिस नेता ने अपने छात्र जीवन में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन किया था, वही तीन दशक बाद देश के शिक्षा मंत्री के रूप में पेपर लीक विवाद के चलते इस्तीफे पर मजबूर हुआ। 

छात्र राजनीति से पहुंचे राष्ट्रीय राजनीति तक

धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। यह क्षेत्र कोयला खनन के लिए जाना जाता है। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता डॉ देबेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के ओडिशा के शुरुआती नेताओं में शामिल थे। उनकी माता का नाम बसंत मंजरी प्रधान है। उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर प्रधान हैं, दोनों के दो बच्चे हैं। 



धर्मेंद्र प्रधान ने उत्कल विश्वविद्यालय, वाणी विहार से मानव विज्ञान में एमए किया। पढ़ाई के दौरान ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई।

धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : Amar Ujala

जब पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरे थे धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय 1997 में सामने आया। उस समय वे एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव थे। स्वर्गीय जेबी पटनायक की सरकार में ओडिशा में कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में भुवनेश्वर में बड़े छात्र आंदोलन का नेतृत्व उन्होंने किया था। 

बीबीसी से बातचीत में इस प्रदर्शन में शामिल रहे प्रशांत राउत ने बताया कि जुलाई 1997 के तीसरे हफ्ते में धर्मेंद्र प्रधान की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने 12वीं के प्रश्नपत्र लीक के विरोध में ओडिशा विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था। 1988 से 1997 के दौर में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण छात्र इसे 'प्रश्नपत्र लीक का दशक' कहते थे। प्रदर्शन को हटाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स ने बेतहाशा लाठीचार्ज किया, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान और प्रशांत राउत समेत कुल 64 कार्यकर्ता घायल होकर अस्पताल पहुंचे थे।

करीब तीन दशक बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। कभी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले धर्मेंद्र प्रधान स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में नीट, यूजीसी-नेट और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शनों और जवाबदेही की मांग का सामना कर रहे थे। अब इसी के चलते उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। 

धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : Amar Ujala

भाजपा संगठन में कैसे आगे बढ़े प्रधान?

  • एबीवीपी के बाद धर्मेंद्र प्रधान भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) में सक्रिय हुए। उन्होंने संगठन में तेजी से अपनी पहचान बनाई।
  • साल 2000 में पहली बार ओडिशा विधानसभा के सदस्य बने, उन्होंने बीजेडी‑बीजेपी गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में पाललहड़ा विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की।
  • 2001 में ओडिशा भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने।
  • 2002 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए गए।
  • 2004 में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
  • 2004 में ओडिशा के देवगढ़ लोकसभा क्षेत्र से पहली बार सांसद चुने गए।
  • 2009 में लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद पार्टी ने उन्हें विभिन्न राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी।
  • 2012 में राज्यसभा सदस्य बने।
  • 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधान करीब 15 साल बाद सीधे चुनावी मैदान में लौटे। उन्होंने ओडिशा की संबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और बीजू जनता दल के प्रणब प्रकाश दास को 1.19 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। 

मोदी सरकार में लगातार मिली अहम जिम्मेदारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। वे लगभग सात वर्ष तक इस मंत्रालय का नेतृत्व करते रहे और देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पेट्रोलियम मंत्रियों में शामिल रहे। उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले हुए।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित योजनाओं में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना रही, जिसके तहत करोड़ों गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार
उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, गैस अवसंरचना विकसित करने और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई सुधारों को आगे बढ़ाया।


चुनावी रणनीति में भी भाजपा के भरोसेमंद चेहरा

सरकार में मंत्री रहने के साथ प्रधान भाजपा संगठन के लिए भी अहम रहे। पार्टी ने उन्हें कई मुश्किल चुनावों में जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में चुनावी जिम्मेदारियां संभालीं। 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें खास तौर पर नंदीग्राम की जिम्मेदारी दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने हरा दिया था, हालांकि राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी।

उनका सबसे अहम राजनीतिक प्रोजेक्ट अपना गृह राज्य ओडिशा रहा। 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 78 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में अपने दम पर सरकार बनाई। इस जीत के बाद प्रधान का नाम ओडिशा के पहले भाजपा मुख्यमंत्री की दौड़ में भी चर्चा में रहा।

शिक्षा मंत्री के रूप में कैस रहा कार्यकाल?

7 जुलाई 2021 को धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने:

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाया।
  • स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों की निगरानी की।
  • शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल और तकनीकी सुधारों पर जोर दिया।

पेपर लीक विवाद से मुश्किल में आया दूसरा कार्यकाल

मोदी 3.0 में शिक्षा मंत्री के रूप में प्रधान के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत ही परीक्षा विवादों के बीच हुई। नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।

2024 के नीट विवाद के बाद सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी, एनटीए के तत्कालीन महानिदेशक को हटाया और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई। इसके बावजूद 2026 में नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद विवाद फिर भड़क गया। छात्रों का आंदोलन तेज हुआ और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठने लगी।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कैसे हुआ?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कैसे हुआ? - फोटो : अमर उजाला

इस्तीफे को क्यों मजबूर हुए प्रधान?

नीट पेपर लीक के बाद छात्रों ने छह जून से विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इसी बीच विपक्षी दलों ने लगातार जवाबदेही की मांग की। अंततः बढ़ते राजनीतिक दबाव और लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : Amar Ujala

धर्मेंद्र प्रधान के पास कितनी संपत्ति?

2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार की कुल संपत्ति 6.38 करोड़ रुपये है। व्यक्तिगत संपत्ति की बात करें तो धर्मेंद्र प्रधान के पास 1.39 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 92 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। उन पर 32 लाख रुपये की देनदारी भी है। वहीं, साल 2022-23 में उनकी वार्षिक आय 12.74 लाख रुपये थी।

उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर प्रधान की आर्थिक स्थिति उनसे अधिक मजबूत है। उनके पास 2.95 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 1.37 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। 20 लाख रुपये की देनदारी है, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में उनकी सालाना कमाई 49 लाख रुपये रही थी। धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर के दो बच्चे हैं, जिनमें बेटी नैमिषा की कुल संपत्ति 25 लाख रुपये (वार्षिक आय 4.6 लाख रुपये) और बेटे निशांत प्रधान की संपत्ति 1.62 लाख रुपये है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed