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TMC: महुआ मोइत्रा पर लगे जिस व्यापारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप, वे हैं कौन?
Mon, 16 Oct 2023 11:47 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:47 AM IST
सार
भाजपा की तरफ से आरोप लगाया गया है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछती हैं, जो कि आईपीसी के तहत अपराध के साथ-साथ संसद की अवमानना का मामला है।
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महुआ मोइत्रा पर लगे बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप।
- फोटो : Social Media
विस्तार
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया। लोकसभा के स्पीकर ओम बिला को लिखी चिट्ठी में दुबे ने कहा है कि टीएमसी सांसद एक बिजनेसमैन- दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेती हैं और इसके बाद सदन में सरकार से सवाल करती हैं। भाजपा सांसद ने कहा है कि महुआ मोइत्रा ने आईपीसी की धारा 120ए के तहत अपराध किया है और संसद में विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमाननना की है।
भाजपा के इन आरोपों को लेकर टीएमसी सांसद भड़क गईं और उन्होंन कहा कि वे इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। महुआ ने कहा कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अदाणी मामले में जांच के बाद फुर्सत मिले तो वे उनके पास जांच करने आ सकते हैं।
इस बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा सांसद ने किस आधार पर महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाए हैं? इसके अलावा दर्शन हीरानंदानी आखिर हैं कौन, जिन पर महुआ मोइत्रा को पैसे देने का आरोप लगा है।
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निशिकांत दुबे की चिट्ठी में क्या आरोप लगाए गए?
दरअसल, निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा से जुड़ी शिकायत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एक वकील के शोध कार्य का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा के हालिया 61 सवालों में से 50 बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों की रक्षा करने के लिए पूछे। उनके सवाल अक्सर एक अन्य व्यापारिक समूह- अदाणी समूह पर भी केंद्रित रहे। दुबे का दावा है कि हीरानंदानी समूह अदाणी के खिलाफ व्यापारिक बोलियां लगा रहा था।
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
पत्र में निशिकांत ने लिखा है कि जब भी संसद सत्र होता है, महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ तृणमूल सांसद सौगत रॉय के नेतृत्व में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की चिल्लाने वाली ब्रिगेड, किसी न किसी बहाने से हर किसी के साथ लगातार दुर्व्यवहार कर सदन की कार्यवाही को बाधित करने की आदत रखती है। हैरान करने वाली इस रणनीति के तहत महुआ अन्य सदस्यों के बहस करने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, जबकि अन्य सांसद आम लोगों के मुद्दों और सरकार की नीतियों पर चर्चा करना चाहते हैं।
आपराधिक साजिश में शामिल
निशिकांत ने लिखा है कि लोकसभा में प्रश्न पूछने के बदले एक व्यवसायी से धन जुटाने और दूसरे व्यावसायिक समूह को निशाना बनाने का कुत्सित प्रयास किया गया है। जानबूझकर किए गए ऐसे आचरण से स्पष्ट हो गया है महुआ मोइत्रा 'नैतिकता' का प्रदर्शन करती हैं, लेकिन वे खुद एक आपराधिक साजिश में शामिल हैं।
कौन हैं दर्शन हीरानंदानी?
इस पूरे मामले के बीच दर्शन हीरानंदानी का नाम बार-बार सामने आया है। दर्शन हीरानंदानी एक प्रमुख व्यापारी हैं और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हीरानंदानी ग्रुप के सीईओ हैं। वे हीरानंदानी ग्रुप के संस्थापक निरंजन हीरानंदानी के बेटे हैं। इस ग्रुप के पूरे भारत में कई निर्माण कार्य जारी हैं। यह ग्रुप अलग-अलग राज्यों में कंस्ट्रक्शन से लेकर वाणिज्यिक प्रॉपर्टी के लेनदेन, आईटी पार्क विकसित करने और टाउनशिप बनाने के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है।
दर्शन हीरानंदानी की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित रोशेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी.एस. और एमबीए की डिग्रीहासिल की है। उनकी प्रोफाइल में कहा गया है कि दर्शन को ग्रुप के रियल एस्टेट बिजनेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें और कई सेक्टर्स- जैसे डाटा सेंटर्स की स्थापना, क्लाउड कंप्यूटिंग, एनर्जी सेक्टर, औद्योगिक वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कंपनी के कदम आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है।
दर्शन की प्रोफाइल में कहा गया है कि उन्होंने तेज (TEZ) प्लेटफॉर्म्स की स्थापना की है। इसके अलावा वे योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन्स और ग्रीनबेस- इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक पार्क्स की भी शुरुआत कर चुके हैं।
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भाजपा के इन आरोपों को लेकर टीएमसी सांसद भड़क गईं और उन्होंन कहा कि वे इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। महुआ ने कहा कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अदाणी मामले में जांच के बाद फुर्सत मिले तो वे उनके पास जांच करने आ सकते हैं।
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इस बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि भाजपा सांसद ने किस आधार पर महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाए हैं? इसके अलावा दर्शन हीरानंदानी आखिर हैं कौन, जिन पर महुआ मोइत्रा को पैसे देने का आरोप लगा है।
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निशिकांत दुबे की चिट्ठी में क्या आरोप लगाए गए?
दरअसल, निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा से जुड़ी शिकायत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एक वकील के शोध कार्य का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा के हालिया 61 सवालों में से 50 बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों की रक्षा करने के लिए पूछे। उनके सवाल अक्सर एक अन्य व्यापारिक समूह- अदाणी समूह पर भी केंद्रित रहे। दुबे का दावा है कि हीरानंदानी समूह अदाणी के खिलाफ व्यापारिक बोलियां लगा रहा था।
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप
पत्र में निशिकांत ने लिखा है कि जब भी संसद सत्र होता है, महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ तृणमूल सांसद सौगत रॉय के नेतृत्व में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की चिल्लाने वाली ब्रिगेड, किसी न किसी बहाने से हर किसी के साथ लगातार दुर्व्यवहार कर सदन की कार्यवाही को बाधित करने की आदत रखती है। हैरान करने वाली इस रणनीति के तहत महुआ अन्य सदस्यों के बहस करने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, जबकि अन्य सांसद आम लोगों के मुद्दों और सरकार की नीतियों पर चर्चा करना चाहते हैं।
आपराधिक साजिश में शामिल
निशिकांत ने लिखा है कि लोकसभा में प्रश्न पूछने के बदले एक व्यवसायी से धन जुटाने और दूसरे व्यावसायिक समूह को निशाना बनाने का कुत्सित प्रयास किया गया है। जानबूझकर किए गए ऐसे आचरण से स्पष्ट हो गया है महुआ मोइत्रा 'नैतिकता' का प्रदर्शन करती हैं, लेकिन वे खुद एक आपराधिक साजिश में शामिल हैं।
कौन हैं दर्शन हीरानंदानी?
इस पूरे मामले के बीच दर्शन हीरानंदानी का नाम बार-बार सामने आया है। दर्शन हीरानंदानी एक प्रमुख व्यापारी हैं और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हीरानंदानी ग्रुप के सीईओ हैं। वे हीरानंदानी ग्रुप के संस्थापक निरंजन हीरानंदानी के बेटे हैं। इस ग्रुप के पूरे भारत में कई निर्माण कार्य जारी हैं। यह ग्रुप अलग-अलग राज्यों में कंस्ट्रक्शन से लेकर वाणिज्यिक प्रॉपर्टी के लेनदेन, आईटी पार्क विकसित करने और टाउनशिप बनाने के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है।
दर्शन हीरानंदानी की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित रोशेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बी.एस. और एमबीए की डिग्रीहासिल की है। उनकी प्रोफाइल में कहा गया है कि दर्शन को ग्रुप के रियल एस्टेट बिजनेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें और कई सेक्टर्स- जैसे डाटा सेंटर्स की स्थापना, क्लाउड कंप्यूटिंग, एनर्जी सेक्टर, औद्योगिक वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कंपनी के कदम आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है।
दर्शन की प्रोफाइल में कहा गया है कि उन्होंने तेज (TEZ) प्लेटफॉर्म्स की स्थापना की है। इसके अलावा वे योट्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन्स और ग्रीनबेस- इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक पार्क्स की भी शुरुआत कर चुके हैं।