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एचसीक्यू के ट्रायल को फिर से शुरू करने के कदम को विशेषज्ञों ने सराहा
Thu, 04 Jun 2020 05:44 PM IST
अमित कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 04 Jun 2020 05:44 PM IST
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Hydroxychloroquine Tablet
- फोटो : Social Media
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कोरोना वायरस के संभावित इलाज के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के फिर से परीक्षण को मंजूरी दे दी है। विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे सकारात्मक नतीजा पाने में मदद मिलेगी और यह सही दिशा में उठाया गया कदम है।
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डब्ल्यूएचओ ने इससे पहले सुरक्षा कारणों से कोविड-19 के इलाज के लिए संभावित दवाओं के परीक्षण में से एचसीक्यू का ट्रायल स्थगित कर दिया था। मगर सुरक्षा से संबंधित आकंड़ों की समीक्षा के बाद बुधवार को डब्ल्यूएचओ ने कहा कि परीक्षण किया जाना चाहिए।
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डब्ल्यूएचओ के निर्णय का स्वागत करते हुए आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि जैविक स्वीकार्यता, प्रयोगशाला से प्राप्त आंकड़ों और अध्ययन के आधार पर एचसीक्यू पर दिए गए सुझावों पर आईसीएमआर और भारत अडिग रहा है। यह दशकों तक इस्तेमाल की गई दवा है। ट्रायल से प्राप्त कोई भी सकारात्मक नतीजा वैश्विक स्तर पर लोगों के फायदे में ही होगा।
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इससे पहले डॉक्टर भार्गव ने कहा था कि मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवा एचसीक्यू का भारत में कोई गंभीर विपरीत प्रभाव नहीं देखा गया है और चिकित्सक की कड़ी निगरानी में इसे कोविड-19 के मरीजों को दिया जा सकता है।
एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने इस फैसले को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत में एम्स और आईसीएमआर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह दवा सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि इस दवा से दिल पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं देखा गया इसलिए यह सुखद समाचार है कि डब्ल्यूएचओ ने अपने आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद इसका ट्रायल फिर शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दवा सस्ती है, आसानी से उपलब्ध है और काफी समय से सुरक्षित इस्तेमाल की जा रही है। कोविड-19 के उपचार में यह लाभकारी सिद्ध होती है तो यह अच्छा होगा।