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IAF: भारतीय वायुसेना को कब तक मिल जाएंगे तेजस विमान? सामने आई समय सीमा, एचएएल के प्रमुख सुनील ने किया खुलासा
Tue, 24 Jun 2025 03:15 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 24 Jun 2025 03:15 PM IST
सार
तेजस विमानों की डिलीवरी का मुद्दा लगातार उठता रहा है। पिछले दिनों वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया था। इस पर अब एचएएल के प्रमुख ने सफाई दी है।
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एचएएल के प्रमुख डीके सुनील।
- फोटो : PTI
विस्तार
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने भारतीय वायुसेना को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस की डिलीवरी की समयसीमा तय कर दी है। एचएएल के प्रमुख ने खुलासा किया है कि भारतीय वायुसेना को मार्च 2026 तक कम से कम छह तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की डिलीवरी कर दी जाएगी। बता दें कि तेजस विमानों की डिलीवरी का मुद्दा लगातार उठता रहा है। पिछले दिनों वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया था।
तेजस विमानों की डिलीवरी में देरी को लेकर एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीके सुनील ने कहा कि देरी केवल अमेरिकी कंपनी के समय पर एफ404 इंजन की आपूर्ति न करने से हुई है। अब हमें उम्मीद है कि जीई एयरोस्पेस चालू वित्त वर्ष में 12 इंजन की आपूर्ति कर देगा। इससे भारतीय वायुसेना को विमानों की आपूर्ति में आसानी होगी।
ये भी पढ़ें: 'मेघालय दुनिया में पर्यटकों के लिए सबसे सुरक्षित', US की यात्रा एडवाइजरी पर डिप्टी सीएम की दो टूक
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उन्होंने कहा कि हर कंपनी को आलोचनाओं से गुजरना पड़ता है। दुर्भाग्य से हमारे साथ एलसीए मार्क 1ए के मामले में ऐसा हुआ है। हमने विमान बनाया है। आज की स्थिति में हमारे पास छह विमान तैयार हैं। लेकिन जीई एयरोस्पेस से इंजन की डिलीवरी नहीं हुई है। उन्हें 2023 में इंजन की डिलीवरी करनी थी। आज तक हमें केवल एक इंजन मिला है। जीई एयरोस्पेस के साथ तकनीकी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। एचएएल को मार्च 2026 तक 12 जेट इंजन मिल जाएंगे।
एचएएल के प्रमुख ने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं कि आज हमारे पास छह विमान तैयार हैं। हमारी ओर से कोई कमी नहीं है। हम विमानों का निर्माण कर रहे हैं। उन्हें तैयार कर रहे हैं। साथ ही हम इस वित्तीय वर्ष तक उन्हें वितरित करने की स्थिति में होंगे। एचएएल की योजना आगामी वर्ष में 16 विमानों के उत्पादन की है, बशर्ते कि जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन की आपूर्ति निरंतर होती रहे।
सुनील ने कहा कि तेजस एमके-1ए एक विश्व स्तरीय विमान है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक उपकरण और मिसाइलों की एक श्रृंखला शामिल है। इसमें एवियोनिक्स और हथियारों की पूरी व्यवस्था है, जो इसे बहुत शक्तिशाली बनाती है। यह हमारी वायुसेना के लिए बहुत अच्छा होगा। कई देशों ने तेजस जेट में रुचि दिखाई है। एचएएल उनमें से कुछ के साथ बातचीत कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि हमें जल्द ही सफलता मिलेगी।
ये भी पढ़ें: भारत में ही है दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स, नागरिक उड्डयन मंत्री ने दी अहम जानकारी
फरवरी 2021 में हुआ था करार
एचएएल ने फरवरी 2021 में वायुसेना के साथ 83 तेजस एमके-1ए फाइटर जेट बनाने का सौदा किया था। इसकी कीमत 48,000 करोड़ रुपये थी, लेकिन सरकार उसके बाद 97 अतिरिक्त तेजस का ऑर्डर भी दिया। एचएएल को पहले तेजस एमके-1ए की डिलीवरी 31 मार्च, 2024 तक करनी थी, अब तक यह शुरू नहीं हो पाई है।
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तेजस विमानों की डिलीवरी में देरी को लेकर एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डीके सुनील ने कहा कि देरी केवल अमेरिकी कंपनी के समय पर एफ404 इंजन की आपूर्ति न करने से हुई है। अब हमें उम्मीद है कि जीई एयरोस्पेस चालू वित्त वर्ष में 12 इंजन की आपूर्ति कर देगा। इससे भारतीय वायुसेना को विमानों की आपूर्ति में आसानी होगी।
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उन्होंने कहा कि हर कंपनी को आलोचनाओं से गुजरना पड़ता है। दुर्भाग्य से हमारे साथ एलसीए मार्क 1ए के मामले में ऐसा हुआ है। हमने विमान बनाया है। आज की स्थिति में हमारे पास छह विमान तैयार हैं। लेकिन जीई एयरोस्पेस से इंजन की डिलीवरी नहीं हुई है। उन्हें 2023 में इंजन की डिलीवरी करनी थी। आज तक हमें केवल एक इंजन मिला है। जीई एयरोस्पेस के साथ तकनीकी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। एचएएल को मार्च 2026 तक 12 जेट इंजन मिल जाएंगे।
एचएएल के प्रमुख ने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं कि आज हमारे पास छह विमान तैयार हैं। हमारी ओर से कोई कमी नहीं है। हम विमानों का निर्माण कर रहे हैं। उन्हें तैयार कर रहे हैं। साथ ही हम इस वित्तीय वर्ष तक उन्हें वितरित करने की स्थिति में होंगे। एचएएल की योजना आगामी वर्ष में 16 विमानों के उत्पादन की है, बशर्ते कि जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन की आपूर्ति निरंतर होती रहे।
सुनील ने कहा कि तेजस एमके-1ए एक विश्व स्तरीय विमान है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक उपकरण और मिसाइलों की एक श्रृंखला शामिल है। इसमें एवियोनिक्स और हथियारों की पूरी व्यवस्था है, जो इसे बहुत शक्तिशाली बनाती है। यह हमारी वायुसेना के लिए बहुत अच्छा होगा। कई देशों ने तेजस जेट में रुचि दिखाई है। एचएएल उनमें से कुछ के साथ बातचीत कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि हमें जल्द ही सफलता मिलेगी।
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फरवरी 2021 में हुआ था करार
एचएएल ने फरवरी 2021 में वायुसेना के साथ 83 तेजस एमके-1ए फाइटर जेट बनाने का सौदा किया था। इसकी कीमत 48,000 करोड़ रुपये थी, लेकिन सरकार उसके बाद 97 अतिरिक्त तेजस का ऑर्डर भी दिया। एचएएल को पहले तेजस एमके-1ए की डिलीवरी 31 मार्च, 2024 तक करनी थी, अब तक यह शुरू नहीं हो पाई है।
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