फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   when will coronavirus nightmare end here you know what experts say about this

बड़ा सवाल: कोरोना महामारी से लोगों को कब मिलेगी आजादी? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Wed, 05 May 2021 09:41 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 05 May 2021 09:41 AM IST
सार

कोरोना महामारी को लेकर कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस भयानक बीमारी से कब छुटकारा मिलेगा। आइए जानते हैं कि देश के जाने-माने डॉक्टर और प्रोफेसरों का महामारी के अंत पर क्या कहना है।

विज्ञापन
when will coronavirus nightmare end here you know what experts say about this
corona virus - फोटो : PTI

विस्तार

देश की जनता इस समय कोरोना की एक भयानक और खतरनाक लहर से जूझ रही है। आम जनता कोरोना के खिलाफ जो लड़ाई लड़ रही है, वो हर किसी की कल्पना से परे है। पिछले कई हफ्तों में देश में कोरोना वायरस के लाखों दैनिक मामले सामने आ रहे हैं। सभी लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर से इस महामारी से छुटकारा कब मिलेगा, क्या आमजन कभी सामान्य जिंदगी दोबारा जी पाएगा।

विज्ञापन


यही नहीं लोगों के मन में सवाल है कि क्या देश में दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस चरम पर पहुंच चुका है, क्या हम अभी भी पीक से थोड़ा दूर हैं, या फिर पीक को हम पछाड़ दिया है। इन्हीं सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आइए जानते हैं कि देश-दुनिया के डॉक्टर क्या कहते हैं...
विज्ञापन


'दूसरी लहर की पीक पर या उसके बेहद करीब हैं'
नेशनल कोविड-19 सुपरमोडल समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर एम विद्यासागर का कहना है कि अगर हम एक राष्ट्र के तौर पर जांच करें, जिसमें सभी संचयी आंकड़े शामिल हो, तो हम दूसरी लहर के चरम पर हैं या बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि हमने दूसरी लहर को लेकर भविष्यवाणी तो की थी लेकिन हमें खुद इसके इतने भयानक होने के बारे में जानकारी नहीं थी। हमें लगा था कि दूसरी लहर के चरम के दौरान देश में 1.2 लाख मामले आएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


'जून में कोरोना की पीक देखने को मिल सकती है'
ब्राउन यूनिवर्सिटी स्कूल के डीन डॉ. आशीष के झा के मुताबिक, कोरोना वायरस के मामले पीक पर हैं या नहीं, ये राज्यों से आने वाले आंकड़ों पर निर्भर करता है। अगर हम महाराष्ट्र के देखेंगे तो पता चलेगा कि वहां पीक आ चुकी है लेकिन वहीं पश्चिम बंगाल समेत दूसरे राज्यों में पीक आनी अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से जून में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा नंबर देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जितनी तेजी से मामले बढ़े, उतनी तेजी से वो घट जाएं, इसकी गारंटी नहीं है। 


'उचित तरीके से संक्रमित और मौत का आंकड़ा नहीं होगा रिपोर्ट तो पीक का पता लगाना होगा मुश्किल'
अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गौतम मेनन का मानना है कि मई के पहले या दूसरे हफ्ते में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर शाहिद जमील का कहना है कि अगर हम सही ढंग से मौत और संक्रमित मामलों को रिपोर्ट नहीं करेंगे तो पीक का पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed