फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   when lucknow's nawab celebrat holi on muharram

जब नवाब ने मुहर्रम के दिन होली मनाई

Thu, 24 Mar 2016 10:11 AM IST
सलमा हुसैन/बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
सलमा हुसैन/बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Thu, 24 Mar 2016 10:11 AM IST
विज्ञापन
when lucknow's nawab celebrat holi on muharram
नवाब ने मुहर्रम के दिन होली मनाई - फोटो : BBC

लखनऊ की होली के बारे में मैं आपको क्या बताऊं! बस इतना समझ लें कि यह यहां त्योहार से बढ़कर है। ये भारत का बहुसांस्कृतिक मुकुट है। लखनऊ के नवाबों को यहाँ की सांस्कृतिक और धार्मिक सद्भाव के अग्रदूत होने का श्रेय दिया जाता है। भारत का सबसे उल्लासपूर्ण और रंगीन त्योहार होली बसंत के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इसे पूरे जोशो-ख़रोश के साथ मार्च महीने में फाल्गुन पूर्णिमा के दिन देशभर में मनाया जाता है, पर उत्तर प्रदेश में इसकी रंगीनी कुछ अलग ही होती है। अवध गंगा-जमुनी तहजीब का घर है। यहां होली का पर्व नवाबों के समय से ही मनाया जाता है। जब लखनऊ के हिंदू-मुसलमान मुहर्रम और होली में शरीक होते थे तो उन्होंने साझा संस्कृति की नींव रखी थी। लखनऊ की उर्दू शायरी में भी होली साफ झलकती है। लखनऊ के कई मुसलमान कवियों ने नवाबों के होली खेलने को बेहतरीन अंदाज में बयां किया है।

विज्ञापन


http://ichef-1.bbci.co.uk/news/ws/624/amz/worldservice/live/assets/images/2016/03/23/160323085435_01.jpg
विज्ञापन

जब मशहूर शायर मीर दिल्ली से लखनऊ आए, तो उन्होंने तत्कालीन नवाब आसफउद्दौला को होली इतने उत्साह से मनाते देखा कि उन्होंने इस पर एक काव्य ही रच दिया। नवाब सादात अली ख़ान के होली समारोह का वर्णन भी अद्भुत है। संग होली में हुज़ूर अपने जो लावे हैं हर रात कन्हैया भएं और सर पे धर लेवें मुकुट। अवध के आख़िरी नवाब वाज़िद अली शाह भी होली खेलने के बेहद शौक़ीन थे. वह न केवल उत्साह से होली खेलते, बल्कि उन्होंने होली पर कई कविताएं भी रची थीं। मोरे कन्हैया जो आए पलट के, अबके होली मैं खेलूँगी डटकेउनके पीछे मैं चुपके से जाके, रंग दूंगी उन्हें भी लिपटके गंगा-जमुनी तहज़ीब के शहर लखनऊ में होली मनाने की कुछ यही भावना थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


http://ichef.bbci.co.uk/news/ws/624/amz/worldservice/live/assets/images/2016/03/23/160323085442_02.jpg

एक दिलचस्प क़िस्सा अवध के लोगों के बीच भाईचारे का बंधन दर्शाता है। नवाब वाज‌िद अली शाह के शासन के दौरान ऐसा हुआ कि संयोग से होली और मुहर्रम एक ही दिन पड़ गए। होली हर्षोल्लास का मौका है, जबकि मुहर्रम मातम का दिन। लखनऊ अवध की राजधानी थी। वहां हिंदुओं ने मुसलमानों की भावनाओं की कद्र करते हुए उस साल होली न मनाने का फैसला किया। मुहर्रम के मातम के बाद नवाब वाज़िद अली शाह ने पूछा कि शहर में होली क्यों नहीं मनाई जा रही। उन्हें जब वजह बताई गई, तो वाजिद अली शाह ने कहा कि चूंकि हिंदुओं ने मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान किया इसलिए अब ये मुसलमानों का फर्ज है कि वो हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करें।

http://ichef-1.bbci.co.uk/news/ws/624/amz/worldservice/live/assets/images/2016/03/23/160323085450_03.jpg
ये कहने के साथ ही उन्होंने घोषणा की कि पूरे अवध में उसी दिन होली भी मनेगी और वह खुद होली खेलने वालों में सबसे पहले शामिल हुए। ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि त्योहारों के जरिए देश रिश्तों में बंधता है और रसोई से निकली अलग-अलग क़िस्म के जायकों की खुशबू उन्हें साथ लाती है। फिर चाहे वह बच्चे का जन्म हो या 100 साल की उम्र में मौत, शादी के 50 साल पूरे होना हो या रमजान का महीना, सभी त्योहार और उत्सव जोश के साथ मनाए जाते हैं। इन त्योहारों की अलग संस्कृति, धर्म और पहचान हैं और ये भारत की प्राचीन परंपराओं का चेहरा और आवाज़ हैं।

http://ichef.bbci.co.uk/news/ws/624/amz/worldservice/live/assets/images/2016/03/23/160323092319_holi_colours_avadh_624x351_thinkstock.jpg
इन त्योहारों में देश के कई चेहरे, इसके जीवंत रंग और लोगों की रचनात्मकता दिखती है। त्योहार रोज़मर्रा की ज़िंदगी की नीरसता तोड़ते हैं। होली मौज करने और विभिन्न पकवानों का स्वाद लेने का त्योहार है. ठंडाई से भांग तक पीने का पर्व. होली में दूसरे ज़ायकेदार पकवानों के अलावा गुजिया और मालपुआ सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। पापड़ी और दही वड़ा, भांग के वड़े, कांजी वड़ा और ठंडाई ख़ासकर होली के मौके पर तैयार होते हैं। गुलाल के रंग में सब माफ होता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बिना गुजिया के होली कैसी?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed