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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: भीतरघात से जूझ रहे महायुति और महाविकास अघाड़ी, निर्दलीय बिगाड़ेंगे खेल?
Wed, 07 Oct 2026 12:00 AM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, मुंबई
आईएएनएस, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:00 AM IST
सार
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महाविकास अघाड़ी और महायुति दोनों ही गठबंधनों को भीतरघात से जूझना पड़ रहा है। कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। जिससे दोनों ही गठबंधनों की चिंता बढ़ी हुई है।
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महाराष्ट्र
- फोटो : IANS
विस्तार
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों के भीतर बगावत सामने आई है। 23 अक्टूबर को होने वाले पांच सीटों के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की समयसीमा मंगलवार को खत्म होने के साथ ही कई दावेदारों ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ पर्चा दाखिल कर दिया। गठबंधन स्तर पर भी सहयोगी दलों ने एक-दूसरे के हिस्से की सीटों पर दावेदारी जताते हुए उम्मीदवार उतारे हैं।
इन चुनावों में विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होगा। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी शामिल हैं, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, एनसीपी शरदचंद्र पवार और शिवसेना यूबीटी शामिल हैं।
नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के पूर्व एमएलसी और नेता अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है।
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अमरावती शिक्षक सीट पर कांग्रेस ने अदिति पोहारे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि महायुति ने शिवसेना के मौजूदा एमएलसी किरण सरनाईक को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना यूबीटी ने दत्तात्रय लहाने को मैदान में उतार दिया है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी ने अमरावती शिक्षक सीट से दत्तात्रय लहाने और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट से दिलीप घुगे को उम्मीदवार बनाया है।
पुणे स्नातक सीट पर भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह पुढ़ारी समूह के चेयरमैन और संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कौस्तुभ गवड़े ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं, उसकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे भी इसी सीट से चुनाव मैदान में उतर गए हैं। महायुति ने पहले सीट बंटवारे में पुणे शिक्षक सीट भाजपा को दी थी, लेकिन शिवसेना ने अपना उम्मीदवार उतार दिया।
एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। तटकरे ने कहा कि एनसीपी के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक की दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि गठबंधन व्यवस्था के तहत पुणे की सीट उसे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस सीट को एनसीपी को दिए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
तटकरे के मुताबिक, इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है और कोई फॉर्मूला निकाला जा सकता है। महाराष्ट्र विधान परिषद की इन पांच सीटों के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को की जाएगी। संबंधित इलाकों में रहने वाले पंजीकृत स्नातक और शिक्षक इन चुनावों में मतदान कर सकेंगे।
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इन चुनावों में विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होगा। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी शामिल हैं, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, एनसीपी शरदचंद्र पवार और शिवसेना यूबीटी शामिल हैं।
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नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस ने मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के पूर्व एमएलसी और नेता अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है।
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अमरावती शिक्षक सीट पर कांग्रेस ने अदिति पोहारे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि महायुति ने शिवसेना के मौजूदा एमएलसी किरण सरनाईक को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना यूबीटी ने दत्तात्रय लहाने को मैदान में उतार दिया है। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी ने अमरावती शिक्षक सीट से दत्तात्रय लहाने और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट से दिलीप घुगे को उम्मीदवार बनाया है।
पुणे स्नातक सीट पर भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह पुढ़ारी समूह के चेयरमैन और संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कौस्तुभ गवड़े ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं, उसकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे भी इसी सीट से चुनाव मैदान में उतर गए हैं। महायुति ने पहले सीट बंटवारे में पुणे शिक्षक सीट भाजपा को दी थी, लेकिन शिवसेना ने अपना उम्मीदवार उतार दिया।
एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। तटकरे ने कहा कि एनसीपी के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक की दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि गठबंधन व्यवस्था के तहत पुणे की सीट उसे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह और एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस सीट को एनसीपी को दिए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
तटकरे के मुताबिक, इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है और कोई फॉर्मूला निकाला जा सकता है। महाराष्ट्र विधान परिषद की इन पांच सीटों के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को की जाएगी। संबंधित इलाकों में रहने वाले पंजीकृत स्नातक और शिक्षक इन चुनावों में मतदान कर सकेंगे।