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जब मैंने सुलभ शौचालय की बात की, तब लोग मेरा मजाक उड़ाते थे- बिंदेश्वर पाठक

Mon, 17 Sep 2018 09:48 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 17 Sep 2018 09:48 PM IST
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When I talked of toilets, people used to make fun of me - Bindeshwar pathak
Bindeshwar pathak

देश में सुलभ शौचालय की श्रृंखला शुरू करने वाले बिंदेश्वर पाठक ने कहा कि जब उन्होंने इस मु्द्दे पर बात करना शुरू किया तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे। लोग समझते थे कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो चर्चा करने के योग्य नहीं है। लेकिन जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौचालय के मुद्दे को लालकिले से उठाया, लोग इसकी तारीफ करने लगे। आज हालत यह है कि शौचालय पूरे देश में एक मुहिम बन चुका है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) पर सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पाठक ने कहा कि लोग स्वच्छता की कीमत बहुत कम करके आंकते हैं। उन्हें लगता है कि यह आर्थिक मुद्दा नहीं है, जबकि सच्चाई यह है कि यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था से सीधा संबंध रखता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1965 के आसपास के समय में सिंगापुर में लोग स्वच्छता का महत्त्व नहीं समझते थे। गंदगी के कारण बहुत लोग बीमार पड़े रहते थे। इससे उनके घर की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती थी। एक तो वे कमा नहीं पाते थे, दूसरे घर की आय का बड़ा हिस्सा दवाइयों में खर्च हो जाता था। इस समय देश के लोगों की आर्थिक आय 400 डॉलर के लगभग थी। लेकिन जब ली कुआन यू सिंगापुर वहां के पीएम बने तो उन्होंने स्वच्छता को एक मिशन बनाया। पूरे देश के लोगों ने उनका साथ दिया। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि लोग स्वस्थ रहने लगे। और साल 1990 तक वहां की अर्थव्यवस्था 12,000 डॉलर प्रतिवर्ष तक पहुंच गई।
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बिंदेश्वर पाठक ने कहा कि यह अच्छा है कि भारत के सबसे ऊंचे पद पर बैठा आदमी इस बात को समझ रहा है और उसे एक मुहिम में तब्दील कर चुका है। इस मुहिम का ही परिणाम है कि आज देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 501 जिले पूर्णत: खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। भारत की जनता को प्रधानमंत्री की तरफ से यह बहुत बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के बाद पीएम मोदी ने ही इस मुद्दे को पहचाना। उन्होंने इस स्वच्छता के माध्यम से देश के लाखों लोगों को बीमार होने से बचाया है और उनकी जिंदगी की रक्षा की है। इस तरह वे एक सुपर डॉक्टर की तरह देशवासियों की सेवा कर रहे हैं।        

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