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चीन से आई कोरोना किट्स की गुणवत्ता अच्छी या खराब? विशेषज्ञों ने कही ये बात

Sun, 19 Apr 2020 07:50 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sun, 19 Apr 2020 07:50 PM IST
सार

  • चीन ने भारत को दिए 6.5 लाख कोरोना जांच किट, इसके पहले दे चुका है 1.70 लाख पीपीई किट
  • चीन निर्मित पीपीई किट्स की गुणवत्ता पर उठे थे सवाल
  • वही सामान खरीदें जो चीन सरकार और आईसीएमआर से प्रमाणित हो

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What the experts view of the quality of corona kits from China
पीपीई किट - फोटो : PTI (File)

विस्तार

कोरोना की बीमारी से लड़ने में चीन ने पूरी दुनिया को मदद दी है। वह भारत को भी 6.5 लाख कोरोना जांच किट उपलब्ध करा चुका है। इसके पहले उसने भारत को 1.7 लाख पीपीई किट्स उपलब्ध कराई थी।
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लेकिन इसी बीच चीन निर्मित पीपीई किट्स की क्वॉलिटी पर सवाल उठे, जिससे उसकी खूब किरकिरी हुई। इससे कोरोना की लड़ाई में चीन के उपकरणों के उपयोग को संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस मामले में सावधानी बरती जाए तो इस स्थिति से निबटा जा सकता है।

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सही निर्माता चुनें

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की वरिष्ठ वायरोलोजी एक्सपर्ट डॉ. ज्योत्सना ने अमर उजाला को बताया कि यह भ्रम की स्थिति के कारण हुआ है।

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किसी भी जगह पर अनेक निर्माता होते हैं। सामानों की खरीद के समय केवल उन्हीं निर्माताओं से खरीद करना चाहिए, जो संबंधित देश के नीति नियामक से मान्यता प्राप्त हैं। इससे क्वॉलिटी की समस्या नहीं आती।

उन्होंने बताया कि भारत में किसी भी उपकरण के इस्तेमाल के पहले उसे आईसीएमआर से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके अलावा ड्रग्स कंट्रोल अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एनआईवी पुणे भी उपकरणों की क्वॉलिटी जांच कर उसका उपयोग किए जाने पर अपनी सहमित देते हैं।

इसी प्रकार अमेरिकी संस्था एफडीए और यूरोपीयन संस्था सीई उत्पादों की क्वॉलिटी का प्रमाण पत्र देते हैं। इससे किसी सामान की गुणवत्ता होने की समस्या नहीं होती। ऐसा केवल तभी हो सकता है जब नियामक संस्था की तरफ से श्चित किए गए संस्थानों की बजाय किसी अन्य विक्रेता से खरीदी की जाए।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी वरिष्ठ सर्जन डॉ. एसके पोद्दार ने कहा कि यह बात सही है कि चीन से आयातित कुछ पीपीई किट्स की क्वालिटी खराब पाई गई है।

लेकिन इसके बाद चीन की सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था। लोगों को केवल वही सामान खरीदना चाहिए जो चीन सरकार और भारतीय संस्था आईसीएमआर की तरफ से प्रमाणित हों। इससे खराब क्वॉलिटी के सामानों की खरीद का मसला सुलझ सकता है।


बीएलके अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर संदीप नायर के मुताबिक किसी भी चीज की मांग बढ़ने पर उसको बेचने वाली बहुत सी कंपनियां अचानक बाजार में आ जाती हैं। इस समय भी पीपीई किट्स को बेचने वाली अनेक कंपनियां भारतीय बाजार में ही उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता सही है या नहीं, इसको केवल आईसीएमआर ही प्रमाणित कर सकता है।

इसलिए किसी भी गलती से बचने के लिए लोगों को केवल तय किए गए कंपनी के सामानों की ही खरीद करनी चाहिए।

चीन ने कही थी ये बात

सामानों की गुणवत्ता पर उठे सवाल के बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने कहा कि खरीदार चीन की तय की गई अच्छी कंपनियों के उत्पाद को ही चुनें। चीन अच्छी विश्वसनीय कंपनियों को उनके उत्पादों के निर्यात में उनका सहयोग करता है।

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्त्री ने कहा है कि चीन 20 लाख उपकरण भारत को उपलब्ध कराएगा। इनमें 6.50 लाख कोरोना किट्स की डिलीवरी हो चुकी है।

 

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