फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   What Mamata Banerjee afraid of Arrived Delhi day early India Bloc meeting TMC meeting also cancelled rebellion

ममता को सता रहा किस बात का डर?: India Bloc की बैठक से एक दिन पहले ही पहुंचीं दिल्ली, TMC की मीटिंग भी की रद्द

Sun, 07 Jun 2026 04:49 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 07 Jun 2026 04:49 PM IST
सार

इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ती असंतुष्टि ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इसी पृष्ठभूमि में ममता बनर्जी दिल्ली पहुंची हैं, जहां शीर्ष नेताओं के साथ संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। हाल में बड़ी संख्या में विधायकों के अलग होने से पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है और अब संसदीय दल में भी असंतोष की चर्चाएं तेज हैं।

विज्ञापन
What Mamata Banerjee afraid of Arrived Delhi day early India Bloc meeting TMC meeting also cancelled rebellion
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली रवाना हो गईं। उनका यह दौरा विपक्षी इंडिया ब्लॉक की बैठक से एक दिन पहले हो रहा है। इस बीच पार्टी के सांसदों के बीच संभावित टूट की अटकलें भी तेज हो गई हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा सांसद डोला सेन और वरिष्ठ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी भी दिल्ली गए हैं।
विज्ञापन


टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शनिवार को ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए थे। पार्टी नेतृत्व ऐसे संकेतों से जूझ रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विधायी दल पर नियंत्रण गंवाने के बाद अब यह बगावत संसदीय दल तक भी फैल सकती है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: राहुल ने की तारीफ: कहा- सार्थक और निसर्ग ने दिखाई हिम्मत; CBSE और कोएम्प्ट के गठजोड़ का किया भंडाफोड़
विज्ञापन
विज्ञापन


आतंरिक हालातों का जायजा लेने की तैयारी में टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व
ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पहले रविवार को एक साथ दिल्ली जाने वाले थे, लेकिन डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक एक दिन पहले ही रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन की सोमवार को होने वाली बैठक से पहले टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व पार्टी के भीतर के हालातों का आंतरिक तौर पर आकलन करेगा। दरअसल, ऐसी खबरें हैं कि असंतुष्ट नेता और सांसद संसद में भी वैसी ही स्थिति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, जैसी हाल में विधानसभा में देखने को मिली थी।

पार्टी की स्थापना के बाद से ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़े झटकों में से एक तब लगा, जब पिछले सप्ताह टीएमसी के 80 में से 58 विधायक पार्टी के आधिकारिक विधायी दल से अलग हो गए। निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में इस समूह को विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में मान्यता भी मिल गई।

सांसदों के साथ बैठकों की संभावना
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों का दावा है कि लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिशें भी जारी हैं। ममता बनर्जी के दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी को एकजुट रखने के लिए कई दौर की बैठकों की संभावना है। संकेत मिल रहे हैं कि बागी सांसद अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।

टीएमसी के बागी विधायक और नए विधायी दल के उपनेता संदीपन साहा ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा जैसा घटनाक्रम अब नई दिल्ली में संसदीय दल के भीतर भी देखने को मिल रहा है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद कई नेताओं ने खुले तौर पर अभिषेक बनर्जी और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।



बसीरहाट के सांसद हाजी नुरुल इस्लाम के निधन के बाद लोकसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या 28 रह गई है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत किसी अलग समूह को मान्यता पाने के लिए संसदीय दल के कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा। मौजूदा संख्या के हिसाब से लोकसभा में यह आंकड़ा 19 सांसदों का बनता है। टीएमसी के राज्यसभा में 13 सांसद हैं।


ममता ने रद्द की केएमसी के TMC पार्षदों के साथ बैठक
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने रविवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में अपनी पार्टी के पार्षदों के साथ होने वाली अहम बैठक रद्द कर दी। उन पार्षदों को मीटिंग रद्द होने की सूचना पहले ही भेज दी गई है, जिन्हें रविवार को कोलकाता के पूर्वी बाहरी इलाके में पार्टी के राज्य मुख्यालय, तृणमूल भवन में मौजूद रहने के लिए कहा गया था। हालांकि, पार्षदों ने मीटिंग रद्द होने की कोई वजह नहीं बताई है।

ये भी पढ़ें: LPG Price Hike: महंगे गैस सिलिंडर पर सियासी संग्राम जारी, शरद पवार बोले- सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी

केएमसी पार्षदों के साथ रविवार की मीटिंग को अहम माना जा रहा था, क्योंकि पश्चिम बंगाल के पूर्व म्युनिसिपल अफेयर्स और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर और केएमसी के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने शनिवार शाम केएमसी अधिकारियों को एक नोटिस भेजा। इसमें उनसे यह बताने को कहा गया है कि मेयर के इस्तीफे के बाद केएमसी में तृणमूल कांग्रेस के कंट्रोल वाले बोर्ड को क्यों भंग नहीं किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed