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सीडीएस रावत बोले: जम्मू-कश्मीर पर भी पड़ सकता है अफगानिस्तान के हालात का असर, रहना होगा सतर्क
Sat, 23 Oct 2021 09:47 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, गुवाहाटी
एएनआई, गुवाहाटी
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 23 Oct 2021 09:47 PM IST
सार
जनरल रावत ने कहा कि हमें अपनी सीमाएं सील करनी होगी और बाहर से आने वालों पर सख्त निगरानी रखनी होगी।
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सीडीएस जनरल बिपिन रावत (file photo)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने अफगानिस्तान के हालात को लेकर भारत को सतर्क रहने को कहा है। जनरल रावत ने गुवाहाटी में पहले रविकांत सिंह स्मृति व्याख्यान में कहा कि आज अफगानिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है कल उसका असर जम्मू-कश्मीर पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। हमें अपनी सीमाएं सील करनी होगी, अब निगरानी करना बेहद अहम हो गया है। हमें अपनी आंखें खुली रखनी होगी कि कौन बाहर से आ रहा है। सख्त चेकिंग करनी होगी।
चीन की महत्वाकांक्षा दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सर्वव्यापी खतरा: रावत
जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को चीन की वैश्विक शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सर्वव्यापी खतरा बताया। उन्होंने कहा कि चीन दक्षिण एशिया और हिंद सागर में अपनी विशाल पैठ कायम कर रहा है। इसके पीछे उसकी मंशा वैश्विक शक्ति बनने की है। सिर्फ इतना ही नहीं चीन जिस तरह म्यांमार और पाकिस्तान में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और बांग्लादेश में प्रवेश बढ़ा रहा है यह भारत के हित में नहीं है।
म्यांमार और पाकिस्तान चीन से सबसे अधिक सैन्य हार्डवेयर खरीदने वाले देश हैं। उन्हें वैश्विक मंच पर भी पाकिस्तान का समर्थन मिलता रहा है। भारत पाकिस्तान के संदर्भ में रावत ने कहा, पड़ोसी मुल्क से प्रायोजित आतंकवाद दोनेां देशों के बीच शांति के प्रयासों में सबसे बड़ी बाधा है। रावत ने कहा, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता तब तक उससे बातचीत संभव नहीं।
जनरल रावत बोले- चीन की तरफ नहीं जाएगा म्यांमार
म्यांमार के मुद्दे पर जनरल रावत ने कहा कि वहां जो भी हो रहा है उससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं। वहां गृह युद्ध की स्थिति है। हालांकि, हमारे उसके साथ अच्छे संबंध हैं। वे हम पर भरोसा करते हैं, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि म्यांमार चीन की तरफ नहीं जाएगा।
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उन्होंने कहा, हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। हमें अपनी सीमाएं सील करनी होगी, अब निगरानी करना बेहद अहम हो गया है। हमें अपनी आंखें खुली रखनी होगी कि कौन बाहर से आ रहा है। सख्त चेकिंग करनी होगी।
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What is happening in Afghanistan, we know its overflow can happen in Jammu & Kashmir... We have to prepare for it, seal our borders, monitoring has become very important. We've to keep an eye on who's coming from outside...,checking should be done: CDS Gen Bipin Rawat in Guwahati pic.twitter.com/PwMFif7UDe
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 23, 2021
चीन की महत्वाकांक्षा दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सर्वव्यापी खतरा: रावत
जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को चीन की वैश्विक शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए सर्वव्यापी खतरा बताया। उन्होंने कहा कि चीन दक्षिण एशिया और हिंद सागर में अपनी विशाल पैठ कायम कर रहा है। इसके पीछे उसकी मंशा वैश्विक शक्ति बनने की है। सिर्फ इतना ही नहीं चीन जिस तरह म्यांमार और पाकिस्तान में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और बांग्लादेश में प्रवेश बढ़ा रहा है यह भारत के हित में नहीं है।
म्यांमार और पाकिस्तान चीन से सबसे अधिक सैन्य हार्डवेयर खरीदने वाले देश हैं। उन्हें वैश्विक मंच पर भी पाकिस्तान का समर्थन मिलता रहा है। भारत पाकिस्तान के संदर्भ में रावत ने कहा, पड़ोसी मुल्क से प्रायोजित आतंकवाद दोनेां देशों के बीच शांति के प्रयासों में सबसे बड़ी बाधा है। रावत ने कहा, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता तब तक उससे बातचीत संभव नहीं।
जनरल रावत बोले- चीन की तरफ नहीं जाएगा म्यांमार
म्यांमार के मुद्दे पर जनरल रावत ने कहा कि वहां जो भी हो रहा है उससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं। वहां गृह युद्ध की स्थिति है। हालांकि, हमारे उसके साथ अच्छे संबंध हैं। वे हम पर भरोसा करते हैं, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि म्यांमार चीन की तरफ नहीं जाएगा।