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West Bengal: स्कूल नौकरी घोटाले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का TMC महासचिव ने किया स्वागत, कही यह बात
Fri, 28 Apr 2023 04:53 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 28 Apr 2023 04:53 PM IST
सार
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह चाहते हैं कि जांच एजेंसियां अपने काम को स्वतंत्र रूप से करें। इस दौरान पार्टी किसी भी वित्तीय अनियमितता में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तिके साथ खड़ी नहीं होगी।
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Abhishek Banerjee
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पश्चिम बंगाल स्कूल नौकरी घोटाले में उच्चतम न्यायालय ने कलकत्ता हाई कोर्ट को यह मामला दूसरे न्यायधीश को सौंपने के निर्देश दिए हैं। उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश का तृणमूल कांग्रस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने स्वागत किया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अबतक मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश पर वे कुछ नहीं बोलेंगे। बता दें कि न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा स्कूल नौकरी घोटाले मामले पर एक न्यूज चैनल में दिए इंटरव्यू के बाद ही शुक्रवार को उच्चतम नन्यायालय ने यह फैसला लिया।
अभिषेक बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश का किया स्वागत
उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में पंचायत चुनाव से पहले जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान धूपगुड़ी में अभिषेक बनर्जी ने कहा- "मैं उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश का स्वागत करता हूं।"
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उच्चतम न्यायालय ने पहले ही कहा था कि जजों को किसी भी लंबित मामलों पर इंटरव्यू देने का अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा टीवी चैनल को इंटरव्यू दिए जाने पर रिपोर्ट मांगी है। शीर्ष कोर्ट ने 17 अप्रैल को कलकत्ता हाई कोर्ट के 13 अप्रैल के फैसले के अनुसार सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को बनर्जी और कुंतल घोष से पूछताछ करने के आदेश को जारी रखा।
बनर्जी ने कहा कि वह चाहते हैं कि जांच एजेंसियां अपने काम को स्वतंत्र रूप से करें। इस दौरान पार्टी किसी भी वित्तीय अनियमितता में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तिके साथ खड़ी नहीं होगी।
रामनवमी समारोह के दौरान झड़प पर बनर्जी का बयान
वहीं रामनवमी समारोह के दौरान हुए झड़प में पश्चिम बंगाल पुलिस से मामलों को एनआईए को स्थानांतरित करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने पहले ही 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में एक किशोरी की हत्या और गोलीबारी में एक युवक की मौत के बाद भाजपा ने 12 घंटों के लिए उत्तर बंगाल में बंध बुलाया था। इस पर बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा का यह बंध उनके कार्यक्रम को बाधित करना था। हालांकि, इस बंध के बावजूद जनजीवन सामान्य है। तृणमूल इस बंध का समर्थन नहीं करती है। कुछ भाजपा नेताओं को आम आदमी की तरह रोज मेहनत नहीं करना पड़ता है। आम आदमी की इस मजबूरी को भाजपा कैसे समझेगी।
बता दें कि बनर्जी 25 अप्रैल को कुचबिहार जिले के दिनहाता में जन संपर्क अभियान 'तृणमूल-ए नबजोवर' का आयोजन किया था। इस अभियान के तहत वे दो महीनों में पूरे पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
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अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अबतक मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश पर वे कुछ नहीं बोलेंगे। बता दें कि न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा स्कूल नौकरी घोटाले मामले पर एक न्यूज चैनल में दिए इंटरव्यू के बाद ही शुक्रवार को उच्चतम नन्यायालय ने यह फैसला लिया।
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अभिषेक बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश का किया स्वागत
उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में पंचायत चुनाव से पहले जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान धूपगुड़ी में अभिषेक बनर्जी ने कहा- "मैं उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश का स्वागत करता हूं।"
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उच्चतम न्यायालय ने पहले ही कहा था कि जजों को किसी भी लंबित मामलों पर इंटरव्यू देने का अधिकार नहीं है। शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा टीवी चैनल को इंटरव्यू दिए जाने पर रिपोर्ट मांगी है। शीर्ष कोर्ट ने 17 अप्रैल को कलकत्ता हाई कोर्ट के 13 अप्रैल के फैसले के अनुसार सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को बनर्जी और कुंतल घोष से पूछताछ करने के आदेश को जारी रखा।
बनर्जी ने कहा कि वह चाहते हैं कि जांच एजेंसियां अपने काम को स्वतंत्र रूप से करें। इस दौरान पार्टी किसी भी वित्तीय अनियमितता में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तिके साथ खड़ी नहीं होगी।
रामनवमी समारोह के दौरान झड़प पर बनर्जी का बयान
वहीं रामनवमी समारोह के दौरान हुए झड़प में पश्चिम बंगाल पुलिस से मामलों को एनआईए को स्थानांतरित करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने पहले ही 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि बंगाल में एक किशोरी की हत्या और गोलीबारी में एक युवक की मौत के बाद भाजपा ने 12 घंटों के लिए उत्तर बंगाल में बंध बुलाया था। इस पर बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा का यह बंध उनके कार्यक्रम को बाधित करना था। हालांकि, इस बंध के बावजूद जनजीवन सामान्य है। तृणमूल इस बंध का समर्थन नहीं करती है। कुछ भाजपा नेताओं को आम आदमी की तरह रोज मेहनत नहीं करना पड़ता है। आम आदमी की इस मजबूरी को भाजपा कैसे समझेगी।
बता दें कि बनर्जी 25 अप्रैल को कुचबिहार जिले के दिनहाता में जन संपर्क अभियान 'तृणमूल-ए नबजोवर' का आयोजन किया था। इस अभियान के तहत वे दो महीनों में पूरे पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।