{"_id":"6ae9d85d0994b478ce0d97be","slug":"west-bengal-tea-garden-workers-receive-diwali-gift-five-thousand-rupees-will-be-sent-to-their-bank-account-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम बंगाल: चाय बागान मजदूरों को मिलेगा दीपावली तोहफा, श्रमिकों के खातों में भेजे जाएंगे पांच हजार रुपये","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पश्चिम बंगाल: चाय बागान मजदूरों को मिलेगा दीपावली तोहफा, श्रमिकों के खातों में भेजे जाएंगे पांच हजार रुपये
Tue, 03 Nov 2026 06:19 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, सिलीगुड़ी
पीटीआई, सिलीगुड़ी
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 03 Nov 2026 06:19 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल सरकार ने दिवाली से पहले 19,524 चाय बागान मजदूरों को 5-5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। साथ ही, मासिक चावल का कोटा 35 से बढ़ाकर 50 किलो करने पर विचार हो रहा है। सरकार बंद चाय बागानों को खोलने और मजदूरों को रोजगार देने की तैयारी में भी जुटी है।
विज्ञापन
चाय बागान के मजदूरों को बड़ा तोहफा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दिवाली और काली पूजा से पहले चाय बागान के 19,524 श्रमिकों के लिए 5,000 रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकार उनके मासिक चावल के कोटे को 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने पर विचार कर रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने क्या है?
यहां उत्तरकन्या में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा कि वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिस पर 9.76 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।उन्होंने कहा, 'शुरुआत में मैंने बड़ी राशि देने के बारे में सोचा था, लेकिन राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए, हमने 19,524 चाय बागान श्रमिकों में से प्रत्येक को 5,000 रुपये देने का फैसला किया है। यह राशि दिवाली से पहले सीधे उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।'
मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों के लिए मासिक चावल का कोटा मौजूदा 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने की योजना की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव की जांच की जा रही है और बढ़ी हुई मात्रा जनवरी से उपलब्ध कराई जा सकती है।
विज्ञापन
चाय बागान श्रमिकों के लिए मासिक चावल को लेकर क्या बोले?
उन्होंने कहा, 'हम मासिक कोटे को 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने के प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि जनवरी से श्रमिकों को यह बढ़ी हुई मात्रा मिलने लगेगी। इसका लाभ चालू और बंद, दोनों तरह के चाय बागानों के श्रमिकों को मिलेगा।'
उन्होंने कहा, इस इलाके में अभी भी कई चाय बागान बंद हैं। हम उन्हें फिर से खोलने के लिए काम कर रहे हैं ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके। अपने जॉब कार्ड तैयार रखें, काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
कोलकाता से वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की ओर मुखातिब होते हुए अधिकारी ने कहा, 'आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि चाय बागान फिर से खुलें। मुख्यमंत्री अकेले सब कुछ नहीं कर सकते। मुझे पता है कि सैमसिंग (चाय बागान) और कुछ अन्य चाय बागान पहले ही खुल चुके हैं। 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना' के तहत भी काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा।"
प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना को लेकर क्या बोला?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी चाय बागान मजदूरों को 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना' के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पात्र मजदूरों से अपने जॉब कार्ड तैयार रखने को कहा, ताकि वे VBRAM-G योजना के तहत रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। इस योजना में 300 रुपये प्रतिदिन की दर से 125 दिनों के काम का प्रावधान है।
चाय उद्योग की स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा करने और इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए निवेश आकर्षित करने, चाय की ब्रांडिंग को बढ़ावा देने, पर्यटन और मार्केटिंग पर काम कर रही है।
पिछले साल चाय बागान मजदूरों को कितना बोनस मिला?
उन्होंने दावा किया कि पिछले साल चाय बागान मजदूरों को केवल 16 प्रतिशत बोनस मिला था, जबकि इस साल चालू चाय बागानों में से कम से कम 95 प्रतिशत ने 20 प्रतिशत बोनस दे दिया है (एक-दो को छोड़कर)। उन्होंने जिलाधिकारियों को उन पात्र लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जिन्हें अभी तक 'अन्नपूर्णा योजना' में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि पात्र बुजुर्गों को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि कालिमपोंग में एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला जल्द ही रखी जाएगी, जिसके लिए संभावित तारीख 9 दिसंबर तय की गई है।
विज्ञापन
शुभेंदु अधिकारी ने क्या है?
यहां उत्तरकन्या में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा कि वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिस पर 9.76 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।उन्होंने कहा, 'शुरुआत में मैंने बड़ी राशि देने के बारे में सोचा था, लेकिन राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए, हमने 19,524 चाय बागान श्रमिकों में से प्रत्येक को 5,000 रुपये देने का फैसला किया है। यह राशि दिवाली से पहले सीधे उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।'
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों के लिए मासिक चावल का कोटा मौजूदा 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने की योजना की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव की जांच की जा रही है और बढ़ी हुई मात्रा जनवरी से उपलब्ध कराई जा सकती है।
विज्ञापन
चाय बागान श्रमिकों के लिए मासिक चावल को लेकर क्या बोले?
उन्होंने कहा, 'हम मासिक कोटे को 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने के प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं। उम्मीद है कि जनवरी से श्रमिकों को यह बढ़ी हुई मात्रा मिलने लगेगी। इसका लाभ चालू और बंद, दोनों तरह के चाय बागानों के श्रमिकों को मिलेगा।'
उन्होंने कहा, इस इलाके में अभी भी कई चाय बागान बंद हैं। हम उन्हें फिर से खोलने के लिए काम कर रहे हैं ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके। अपने जॉब कार्ड तैयार रखें, काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
कोलकाता से वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की ओर मुखातिब होते हुए अधिकारी ने कहा, 'आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि चाय बागान फिर से खुलें। मुख्यमंत्री अकेले सब कुछ नहीं कर सकते। मुझे पता है कि सैमसिंग (चाय बागान) और कुछ अन्य चाय बागान पहले ही खुल चुके हैं। 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना' के तहत भी काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा।"
प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना को लेकर क्या बोला?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी चाय बागान मजदूरों को 'प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना' के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पात्र मजदूरों से अपने जॉब कार्ड तैयार रखने को कहा, ताकि वे VBRAM-G योजना के तहत रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। इस योजना में 300 रुपये प्रतिदिन की दर से 125 दिनों के काम का प्रावधान है।
चाय उद्योग की स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा करने और इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए निवेश आकर्षित करने, चाय की ब्रांडिंग को बढ़ावा देने, पर्यटन और मार्केटिंग पर काम कर रही है।
पिछले साल चाय बागान मजदूरों को कितना बोनस मिला?
उन्होंने दावा किया कि पिछले साल चाय बागान मजदूरों को केवल 16 प्रतिशत बोनस मिला था, जबकि इस साल चालू चाय बागानों में से कम से कम 95 प्रतिशत ने 20 प्रतिशत बोनस दे दिया है (एक-दो को छोड़कर)। उन्होंने जिलाधिकारियों को उन पात्र लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, जिन्हें अभी तक 'अन्नपूर्णा योजना' में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि पात्र बुजुर्गों को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि कालिमपोंग में एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला जल्द ही रखी जाएगी, जिसके लिए संभावित तारीख 9 दिसंबर तय की गई है।