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RG Kar: 'आरजी कर मामले की पीड़िता भारी मानसिक दबाव में थी, हत्या से पहले मांगी थी मदद', मनोचिकित्सक का दावा
Tue, 25 Mar 2025 12:41 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:41 PM IST
सार
बंगाल के एक मनोचिकित्सक ने दावा किया है कि आरजी कल मामले की पीड़िता मानसिक दबाव में थी और उसने मदद मांगी थी। डॉक्टर ने ये भी कहा कि अगर सीबीआई उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वे सीबीआई के सामने भी गवाही देने के लिए तैयार हैं।
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
एक मनोचिकित्सक ने दावा किया है कि आरजी कर अस्पताल मामले की पीड़िता डॉक्टर भारी मानसिक दबाव में थी और उसने अपनी हत्या से एक माह पहले ही उनकी मदद मांगी थी। ये दावा कोलकाता के मनोचिकित्सक मोहित रानादिप ने एक बंगाली टीवी चैनल से बातचीत में किया है। मनोचिकित्सक मोहित रानादिप ने बताया कि पीड़िता ने उन्हें बताया कि वह 36 घंटे लगातार ड्यूटी कर रही थी, साथ ही उसके साथ शिफ्ट के आवंटन में भेदभाव होता था और वह अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी भारी तनाव में थी।
सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए भी तैयार मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सक ने ये भी कहा कि अगर सीबीआई उनसे इस मामले में पूछताछ करती है तो वे सीबीआई के सामने भी गवाही देने के लिए तैयार हैं। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने पीड़िता को कुछ सलाह दी थी और उसे कुछ समय बाद फिर से काउंसलिंग के लिए बुलाया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। पीड़िता के माता-पिता ने भी दावा किया था कि अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप था कि अस्पताल में दवाईंया और मेडिकल उपकरणों की खरीद में धांधली हुई। इस मामले में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल संदीप घोष को गिरफ्तार किया गया था।
ये भी पढ़ें- WB: बंगाल सरकार ने किया डॉक्टर सुवर्ण गोस्वामी का स्थानांतरण; आरजी कर मामले को लेकर सरकार का किया था विरोध
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उच्च न्यायालय ने सीबीआई से मांगी केस डायरी
बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी ने भी आरजी कर मामले की विस्तृत जांच की मांग की थी। हालांकि पार्टी ने लेफ्ट पार्टी और अन्य नेताओं पर टीएमसी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी सीबीआई को निर्देश दिया है कि वे आरजी कर मामले की जांच से जुड़ी केस डायरी अगली सुनवाई में अदालत में पेश करें। अदालत ने पूछा कि क्या सीबीआई ने आरजी कर मामले में सामूहिक दुष्कर्म और सबूत मिटाने के एंगल से भी क्या जांच की थी या नहीं।
दोषी को हो चुकी है उम्रकैद की सजा
9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में पीड़िता डॉक्टर का शव मिला था। इस मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। संजय रॉय पर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म करने और उसकी हत्या का आरोप लगा। जनवरी में सत्र अदालत ने संजय रॉय को हत्या और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
ये भी पढ़ें- RG Kar Case: कोर्ट ने CBI से मांगी केस डायरी; पूछा- क्या सामूहिक दुष्कर्म-सबूत मिटाने की संभावना भी जांच रहे
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सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए भी तैयार मनोचिकित्सक
मनोचिकित्सक ने ये भी कहा कि अगर सीबीआई उनसे इस मामले में पूछताछ करती है तो वे सीबीआई के सामने भी गवाही देने के लिए तैयार हैं। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने पीड़िता को कुछ सलाह दी थी और उसे कुछ समय बाद फिर से काउंसलिंग के लिए बुलाया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। पीड़िता के माता-पिता ने भी दावा किया था कि अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप था कि अस्पताल में दवाईंया और मेडिकल उपकरणों की खरीद में धांधली हुई। इस मामले में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल संदीप घोष को गिरफ्तार किया गया था।
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उच्च न्यायालय ने सीबीआई से मांगी केस डायरी
बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी ने भी आरजी कर मामले की विस्तृत जांच की मांग की थी। हालांकि पार्टी ने लेफ्ट पार्टी और अन्य नेताओं पर टीएमसी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी सीबीआई को निर्देश दिया है कि वे आरजी कर मामले की जांच से जुड़ी केस डायरी अगली सुनवाई में अदालत में पेश करें। अदालत ने पूछा कि क्या सीबीआई ने आरजी कर मामले में सामूहिक दुष्कर्म और सबूत मिटाने के एंगल से भी क्या जांच की थी या नहीं।
दोषी को हो चुकी है उम्रकैद की सजा
9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में पीड़िता डॉक्टर का शव मिला था। इस मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। संजय रॉय पर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म करने और उसकी हत्या का आरोप लगा। जनवरी में सत्र अदालत ने संजय रॉय को हत्या और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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