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West Bengal: शांति निकेतन की यूनेस्को टैग पट्टिकाओं से टैगोर का नाम गायब, टीएमसी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

Sun, 22 Oct 2023 08:00 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: यशोधन शर्मा Updated Sun, 22 Oct 2023 08:00 AM IST
सार

टैगोर के प्रपौत्र सुप्रियो ठाकुर ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैं इस समय शांति निकेतन में नहीं हूं, लेकिन मैंने खबर सुनी है। वर्तमान अधिकारी विश्वभारती से टैगोर का नाम मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ विरोध होना चाहिए। जिन लोगों ने ऐसा किया है उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।

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West Bengal: Rabindra Nath Tagore name missing UNESCO tag plaques Shanti Niketan
Shanti Niketan plaques - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय ने शांति निकेतन को यूनेस्को धरोहर स्थल के रूप में वर्णित करने वाली तीन पट्टिकाएं स्थापित कीं। अब इसको लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि इन पट्टिकाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती के नाम हैं, लेकिन संस्था के संस्थापक नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का नाम गायब है। पट्टिकाओं पर पश्चिम बंगाल के केंद्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर के रूप में मोदी का नाम लिखा है, वहीं कुलपति के रूप में चक्रवर्ती का नाम दर्ज है।

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टीएमसी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'यूनेस्को ने विशेष रूप से कहा कि वे शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर स्थल घोषित करके रवींद्रनाथ टैगोर और उनकी अद्वितीय विरासत का सम्मान कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि एक अहंकारी वीसी और उसके बॉस को लगता है कि यूनेस्को उनका सम्मान कर रहा है!' इसके साथ ही टीएमसी नेता सरकार ने एक पट्टिका की तस्वीर भी साझा की है।
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विश्वभारती में कम से कम तीन ऐसी पट्टिकाएं स्थापित की गई हैं, जिन पर टैगोर का नाम नहीं है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है। वीसी चक्रवर्ती ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। वहीं, विश्वविद्यालय की प्रवक्ता महुआ बनर्जी ने कहा, 'तीन पट्टिकाएं स्थापित की गई हैं। उन पर चांसलर और वाइस-चांसलर के नाम अंकित हैं।' उन्होंने भी विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं की।


टैगोर के प्रपौत्र ने जताई नाराजगी
मामला सामने आने के बाद टैगोर के प्रपौत्र सुप्रियो ठाकुर ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'मैं इस समय शांति निकेतन में नहीं हूं, लेकिन मैंने खबर सुनी है। वर्तमान अधिकारी विश्वभारती से टैगोर का नाम मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। जिन लोगों ने ऐसा किया है उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।

भाजपा ने किया पलटवार
इधर, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, 'जैसे सूर्य को पहचानने की आवश्यकता नहीं है, वैसे ही टैगोर और विश्व-भारती के बीच संबंध की घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है। कुछ लोग अप्रासंगिक सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका मकसद सिर्फ विरोध करना है। उनके बयानों की कोई स्वीकार्यता नहीं हैं।'

बता दें कि नोबेल पुरस्कार विजेता रबींन्द्रनाथ टैगोर के घर शांति निकेतन को सितंबर में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। शांति निकेतन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित है। नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने जीवन का अधिकांश समय यहीं बिताया था। 

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