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West Bengal: पंचायत चुनाव के दौरान भारी हिंसा, बमबाजी-गोलीबारी में 18 की मौत; भाजपा ने की CBI जांच की मांग
Sun, 09 Jul 2023 02:08 AM IST
गुलाम अहमद
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sun, 09 Jul 2023 02:08 AM IST
सार
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में चुनावी हिंसा की जांच सीबीआई और एनआईए से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हम मारे गए लोगों के परिजनों के साथ अदालत का रुख करेंगे और हिंसा की घटनाओं की विस्तृत जांच कराने की मांग करेंगे।
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Bengal election violence
- फोटो : PTI
विस्तार
पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भारी हिंसा हुई। उत्तर से लेकर दक्षिण बंगाल तक आगजनी, बमबाजी और गोलीबारी में नौ जिलों में 18 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। हालांकि, विपक्षी दलों ने 30 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई है। मारे गए लोगों में 10 सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के थे। भाजपा और कांग्रेस के तीन-तीन व माकपा के दो कार्यकर्ता भी हिंसा के शिकार हुए। ये हाल तब रहा, जब केंद्र और प्रदेश के 1.7 लाख सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। हिंसा के बीच बंगाल में 66.28 फीसदी मतदान हुआ। नतीजे 11 जुलाई को आएंगे।
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भाजपा ने चुनावी हिंसा के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है और केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमारी मांग है कि चुनावी हिंसा की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय बलों को मतदान केंद्रों पर तैनात नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हम मारे गए लोगों के परिजनों के साथ अदालत का रुख करेंगे और हिंसा की घटनाओं की विस्तृत जांच कराने की मांग करेंगे। अधिकारी ने कहा कि वह राज्य चुनाव आयुक्त से सीएम ममता बनर्जी को मृतकों के परिजनों ने 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश देने को कहेंगे।
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करीब 74 हजार सीटों के लिए शनिवार को वोटिंग शुरू होते ही मतदान केंद्रों पर मारपीट, बूथ लूटने जैसी घटनाएं सामने आने लगीं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार व दक्षिण 24 परगना जिले हिंसा के केंद्र रहे। कूचबिहार में तृणमूल समर्थकों पर मतपेटियां तोड़ने, बैलेट पेपर नष्ट करने और मतदान केंद्र में आग लगाने का आरोप लगा। उत्तर दिनाजपुर में कई जगह मतपत्र व अन्य सामग्री जलाई गई। सीसीटीवी कैमरों को ढंककर वारदातों को अंजाम दिया गया। दक्षिण दिनाजपुर में मतपेटियों में पानी डाल दिया गया। मुर्शिदाबाद में मतपेटियां तालाब में फेंक दी गईं। बैलेट पेपर भी पानी में तैरते मिले। यहां देर रात पुलिस की गाड़ी को भी आग लगा दिया गया। बैलेट पेपर भी पानी में तैरते मिले। पुरुलिया में भी मतदान केंद्र में तोड़फोड़ और मतपत्र फाड़ने की घटनाएं सामने आई। कूच बिहार के माथभंगा-1 ब्लॉक के हजराहाट गांव में एक युवक बैलेट बॉक्स लेकर भाग गया।
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कूचबिहार में भाजपा के पोलिंग एजेंट की हत्या
अधिकारियों ने बताया कि कूचबिहार जिले में भाजपा के पोलिंग एजेंट माधब बिस्वास की फालीमरी ग्राम पंचायत में हत्या कर दी गई। आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा है। वहीं टीएमसी ने आरोप लगाया कि तूफानगंज पंचायत समिति के सदस्य की भाजपा कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी। उत्तर दिनाजपुर में भी भारी हिंसा हुई और गोलपोखरा पंचायत में टीएमसी और कांग्रेस समर्थकों की बीच मारपीट हुई। इसमें टीएमसी के पंचायत प्रमुख शानशाह की हत्या कर दी गई। मुर्शिदाबाद जिले में मारे गए टीएमसी के एक कार्यकर्ता की पहचान बाबर अली के रूप में हुई है। इसी जिले के खारग्राम में टीएमसी के एक अन्य कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई।
चुनाव आयोग के दफ्तर पर लगाया ताला
भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी देर शाम सैकड़ों समर्थकाें के साथ राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और गेट पर ताला लगा दिया। फिर धरने पर बैठ गए। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि अराजकता के लिए राज्य चुनाव आयोग जिम्मेदार है। केंद्रीय बल तैनात नहीं किए और तृणमूल समर्थकों को मतपेटियां लूटने की छूट दे दी गई।
पल-पल की रिपोर्ट लेते रहे गृह मंत्री
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा पर दिल्ली से गृृह मंत्री लगातार नजर बनाए हुए थे। उन्होंने पल-पल की खबर ली और हालात की रिपोर्ट भी ली है। वहीं राज्यपाल सीवी आनंदबोस दिन भर घटनास्थलों पर जाकर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं हिंसा पर भाजपा व कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस की ममता सरकार को घेरा है।
सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ममता बनर्जी की ऐसी क्या मजबूरी है कि बंगाल में किसी भी चुनाव में हत्या, आगज़नी, अराजकता के बिना उनका मन नहीं मानता। ममता दीदी के इशारे पर टीएमसी ने हत्या को ही सत्ता की गारंटी मान लिया है। ठाकुर ने कहा, दिल्ली में बारिश हो रही है पर बंगाल में बम वर्षा हो रही है। बंगाल का बम कल्चर आज पूरी दुनिया में भारत और लोकतंत्र को शर्मसार कर रहा है। लोग बैलट बॉक्स लेकर भाग रहे हैं। बैलट बॉक्स में रिगिंग हो रही है और वर्चस्व कायम करने के लिए हत्याएं हो रही हैं। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ममता राज में पंचायत चुनाव के दौरान खुलकर हिंसा हुई है और 12 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। वह ममता बनर्जी से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने राज्य को क्या बना दिया है। प्रसाद ने कहा, कभी बंगाल लोकतंत्र की जननी था।
मिड-डे मील का पैसा चुनाव में खर्च, केंद्र ने बंगाल सरकार से मांगी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में मिड-डे मील योजना को लागू करने में वित्तीय अनियमितता के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर पूछा है कि मिड-डे मील योजना (पीएम पोषण) का पैसा अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च किया जाता है। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राज्य में चुनावों के उद्देश्य से इस्तेमाल करने के लिए एक खाता खोला गया है, जिसमें मिड डे मील का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, राज्य के अधिकारियों द्वारा व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराए गए डिजिटल दस्तावेज से पता चला है कि उस खाते में जमा राशि का इस्तेमाल राज्य में चुनवों के लिए किया गया।
कांग्रेस : दहशतगर्दी का माहौल, चुनाव खारिज करें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीररंजन चौधरी ने चुनाव खारिज करने की मांग करते हुए कहा, दहशतगर्दी का माहौल पैदा किया जा रहा है। तृणमूल-भाजपा की मिलीभगत से अराजकता हुई है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा-वामदलों पर हिंसा का आरोप लगाया। तृणमूल की शशि पांजा ने कहा, उनके दस कार्यकर्ताओं की हत्या की गई।
वोट के नाम पर हुआ तमाशा : राज्यपाल
हिंसा से नाराज राज्यपाल सी वी आनंदबोस ने कहा कि यहां वोट के नाम पर तमाशा चल रहा है। उन्होंने लोगों में भरोसा जगाने के लिए उत्तर 24 परगना जिले में कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने मतदान केंद्र नहीं जाने देने की शिकायत की है।
चुनाव रद्द करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को पत्र
भाजपा और कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हिंसा का स्वत: संज्ञान लेने और चुनाव रद्द करने का अनुरोध किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने और हिंसा की सीबीआई और एनआईए से जांच कराने की मांग की है।
लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं : कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि भय के हथियार से सत्ता हासिल करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनाव में नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी दोनों मिले हुए हैं। हमारा अंदेशा पहले से ही था कि बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी व पुलिस की मिलीभगत है।