पश्चिम बंगाल: हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूजा पंडालों के बाहर लगे नो एंट्री बोर्ड
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पश्चिम बंगाल में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बीरभूम के पुलिस लाइन क्षेत्र में पूजा पंडाल के बाहर 'नो एंट्री' (प्रवेश निषेध) के बोर्ड लगाए गए हैं। उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में सभी दुर्गा पूजा पंडालों को नो-एंट्री जोन घोषित किया है। पंडालों में केवल आयोजक ही प्रवेश कर सकते हैं।
West Bengal: 'No Entry' boards placed outside Puja Pandal in Police Line area of Birbhum after Calcutta High Court's order.
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All Durga Puja pandals in West Bengal have been declared no-entry zones by Calcutta High Court. Only organizers can enter the pandals. pic.twitter.com/EusUwhTQquविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 20, 2020
तृणमूल ने पूजा पंडाल संबंधी फैसले पर जताई निराशा, विपक्ष ने जीवन रक्षा वाला बताया
तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि पूजा पंडाल को प्रवेश निषेध क्षेत्र घोषित किए जाने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले से कई लोग निराश होंगे, जबकि राज्य में विपक्षी दलों ने फैसले का स्वागत किया है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि लोग दुर्गा पूजा मनाने के लिए सालभर इंतजार करते है। उन्होंने कहा, 'दुर्गा पूजा को संभव बनाने वाले कई आयोजक इस आदेश से निराश होंगे।' इस बीच, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने अदालत के फैसले को सही बताते हुए उसका स्वागत किया।
माकपा विधायक दल के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि यह फैसला हजारों लोगों के जीवन की रक्षा करेगा। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस बार कोविड-19 के कारण हर किसी को कोई न कोई बलिदान देना होगा।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने कोविड-19 के प्रसार पर काबू के लिए सोमवार को राज्य भर के सभी दुर्गा पूजा पंडालों को प्रवेश निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया। पश्चिम बंगाल में अब तक कोरोना वायरस के 3.2 लाख मामले सामने आ चुके हैं और इस बीमारी के कारण 6,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।