फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal: Mahaveer Toppannavar Parmanand Jain accused in IIM Kolkata Assault case sent to police custody

Kolkata: आईआईएम कोलकाता में महिला से दुष्कर्म, आरोपी को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया

Sat, 12 Jul 2025 05:18 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 12 Jul 2025 05:18 PM IST
सार

कोलकाता की एक अदालत ने शनिवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (कलकत्ता) के एक छात्र को परिसर में एक महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी को महिला की ओर से हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन
West Bengal: Mahaveer Toppannavar Parmanand Jain accused in IIM Kolkata Assault case sent to police custody
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बार फिर दुष्कर्म की शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। इस बार आईआईएम-सी कैंपस में कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। इससे पहले लॉ कालेज की छात्रा से कॉलेज परिसर में दुष्कर्म किया गया था। 

विज्ञापन


हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज
बीते दिन एक महिला ने हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, आईआईएम-कलकत्ता परिसर में एक छात्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन को गिरफ्तार कर लिया गया। 
विज्ञापन


19 जुलाई तक पुलिस हिरासत
कोलकाता पुलिस ने बताया कि आईआईएम कोलकाता में कथित दुष्कर्म मामले के आरोपी महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में क्या हुआ?
अलीपुर अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।  अभियोजन पक्ष के वकील ने जांच और पूछताछ के लिए आरोपी को 25 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने की मांग की। आरोपी के वकील ने अदालत के समक्ष दावा किया कि कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके जोका में स्थित आईआईएम-कलकत्ता एक सुरक्षित स्थान है, जहां प्रवेश प्रतिबंधित है। परिसर में प्रवेश करने के लिए अपना नाम दर्ज कराना और पहचान पत्र दिखाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि छात्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कुछ गड़बड़ी है।

कोलकाता पुलिस ने क्या कहा?
कोलकाता पुलिस के मुख्य अभियोजक सौरिन घोषाल ने कहा कि हमने पुलिस हिरासत की मांग की और आरोपियों ने जमानत की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि यह सहमति से हुआ था। हमने तर्क दिया कि प्रथम दृष्टया जांच से पता चलता है कि अपराध हुआ था और मेडिकल साक्ष्य पीड़िता के आरोपों की पुष्टि करते हैं।

आरोपी की मां ने क्या कहा?
आरोपी की मां ने कहा, 'हमें रात के लगभग 11 बजे उसके दोस्त का फोन आया। उसने बताया कि मेरे बेटे को हिरासत में लिया गया है और उसे इसकी वजह नहीं पता। हमें नहीं पता कि हमारे बेटे को क्यों गिरफ्तार किया गया है। हम अपने बेटे से मिलना चाहते हैं और उससे बात करना चाहते हैं। वह अपने कॉलेज के अंतिम वर्ष में था। हमें यहां कोलकाता में कुछ भी नहीं पता। पुलिस स्टेशन या अदालत कहां है। मेरा बेटा निर्दोष है। वह इतनी दूर पढ़ाई करने आया है। वह ऐसा गंदा काम कभी नहीं करेगा।'

आईआईएम-कलकत्ता ने क्या कहा?
मामले में आईआईएम-कलकत्ता ने कहा, 'भारतीय प्रबंधन संस्थान, कलकत्ता के प्रशासन को हमारे एक छात्र से जुड़ी एक गंभीर शिकायत के बारे में अवगत कराया गया है। शिकायतकर्ता का संस्थान से संबंध नहीं है। हम इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं, जो वर्तमान में जांच कर रहे हैं। संबंधित व्यक्ति को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है। कानूनी प्रक्रिया चल रही है। संस्थान यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी संबंधित व्यक्तियों की गरिमा, सुरक्षा और गोपनीयता की रक्षा करते हुए उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए।'

क्या है मामला?
पीड़ित महिला मनोवैज्ञानिक है। उसने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे परामर्श सत्र के लिए छात्रावास बुलाया था और वहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। यह घटनाक्रम कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना के लगभग एक पखवाड़े बाद सामने आया है।


अधीर रंजन चौधरी ने ममता सरकार को घेरा
आईआईएम कलकत्ता हॉस्टल मामले पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, 'बंगाल की कानून-व्यवस्था दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है और बंगाल की कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सरकार की लापरवाही के कारण महिलाएं इस तरह के अपराधों का शिकार हो रही हैं। सरकार को इन अपराधियों को सज़ा देने के लिए कदम उठाने होंगे। बंगाल के अपराधी कानून से नहीं डरते। वे लगातार अपराध कर रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed