शराब-बीयर की बिक्री से पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने एक दिन में कमाए इतने करोड़ रुपये
सोमवार को शराब की बिक्री शुरू होते ही देश भर में शराब की दुकानों पर लंबी कतारें देखी गईं। बता दें कि राज्य सरकारों ने दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए स्टैंडअलोन शराब स्टोर को खोलने की अनुमति दी थी।
पश्चिम बंगाल को 40 करोड़ रुपये का राजस्व
शराब के कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सोमवार को स्टैंडअलोन की दुकानों को फिर से खोलने के पहले दिन 40 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की गई।
पश्चिम बंगाल के विदेशी शराब निर्माता, ओएन, ओएफएफ, सीएस शॉप्स और होटल ओनर्स एसोसिएशन की सहायक सचिव सुष्मिता मुखर्जी ने कहा, "राज्य ने सोमवार को लगभग 40 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री दर्ज की। लाल, नारंगी और हरे जोन में स्थित राज्य की सत्तर प्रतिशत शराब की दुकानें फिर से खुल गईं।"
उन्होंने कहा कि बाकी की 30 फीसदी दुकाने कंटेनमेंट जोन में आती हैं।
महाराष्ट्र सरकार को 11 करोड़ रुपये का राजस्व
एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने छूट के बाद शराब की बिक्री के दिन राजस्व में 11 करोड़ रुपये जुटाए।
उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों ने राज्य में आईएमएफएल (भारतीय निर्मित विदेशी शराब) के विभिन्न ब्रांडों की लगभग चार लाख लीटर की बिक्री की है।
राज्य के आबकारी आयुक्त कांतिलाल उमाप ने कहा, "प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शराब की दुकानों ने आईएमएफएल के विभिन्न ब्रांडों के लगभग चार लाख लीटर की बिक्री की है। हमें लगता है कि बिक्री से 11 करोड़ रुपये मिले हैं।
उमाप ने कहा, राज्य में रेस्तरां और परमिट कमरे अब तक काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यह आय केवल स्टैंडअलोन काउंटरों से आईएमएफएल की बिक्री से हुई हैं।
आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र कई तरह की शराब, बीयर और वाइन पर सेल और एक्साइज ड्यूटी से सालाना 25,500 करोड़ रुपये कमाता है। हालांकि, एक सामान्य दिन में दैनिक औसत राजस्व 78 करोड़ रुपये है।
कर्नाटक ने कमाए 45 करोड़ रुपये
शराब की बिक्री से सोमवार को कर्नाटक को 45 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। आबकारी विभाग के मुताबिक, प्रतिबंध हटने के पहले ही दिन लगभग 3.9 लाख लीटर बीयर की बिक्री हुई और 8.5 लाख लीटर भारतीय निर्मित विदेशी शराब की बिक्री हुई।
राज्य में आबकारी विभाग ने सरकार से राजस्व उत्पन्न करने के लिए शराब की बिक्री की अनुमति देने का आग्रह किया था।
राज्य के आबकारी विभाग ने खुदरा शराब दुकानों, कर्नाटक स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केएसबीसीएल) और मैसूर सेल्स इंटरनेशनल लिमिटेड के डिपो को 4 मई से 9 बजे से 7 बजे तक शराब बेचने की अनुमति दी है।