{"_id":"61d98e5da069cc26f724ce0e","slug":"west-bengal-governor-jagdeep-dhankhar-seeks-briefing-from-chief-secretary-dgp-after-bjp-leader-suvendu-adhikari-stopped-from-visiting-netai","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम बंगाल: नेताई जाने से रोके गए थे सुवेंदु अधिकारी, राज्यपाल धनखड़ ने मुख्य सचिव और डीजीपी से मांगी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पश्चिम बंगाल: नेताई जाने से रोके गए थे सुवेंदु अधिकारी, राज्यपाल धनखड़ ने मुख्य सचिव और डीजीपी से मांगी जानकारी
Sat, 08 Jan 2022 06:45 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 08 Jan 2022 06:45 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को पुलिस द्वारा नेताई जाने से रोके जाने के मामले में राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से घटना की पूरी जानकारी तलब की है।
विज्ञापन
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने शिकायत की थी कि मुझे झारग्राम में एक कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया था। यह पत्र मिलने के बाद शनिवार को राज्यपाल धनखड़ ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 10 जनवरी तक इस मामले की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और एक लिखित रिपोर्ट भी मांगी है।
विज्ञापन
राज्यपाल ने एक ट्वीट में लिखा, बेहद परेशान करने वाली एक घटना को देखते हुए जो आपातकाल की याद दिलाती है, सुवेंदु अधिकारी की ओर से सात जनवरी को लिखे गए पत्र के संबंध में मुख्य सचिव और बंगाल पुलिस के महानिदेशक को निर्देश दिया कि घटना की पूरी जानकारी 10 जनवरी को सुबह 11 बजे कर उपलब्ध कराई जाए। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि प्रशासन अधिकारी के साथ गलत व्यवहार कर रहा है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस ने रोका: सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ने अपने पत्र में लिखा था कि मुझे नेताई जाने से रोक दिया गया था, जहां मैं सात जनवरी 2011 को मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहा था। नेताई में 2011 में कथित तौर पर सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं की गोलीबारी में नौ लोगों की मौत हुई थी। नंदीग्राम से भाजपा विधायक अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मुझे रोका जबकि कलकत्ता हाईकोर्ट यह कह चुकी है कि मेरे कहीं आने-जाने पर कोई रोक नहीं है।
विज्ञापन