पश्चिम बंगाल: विधानसभा पहुंचे राज्यपाल धनखड़, मुख्य द्वार का नहीं खोला गया ताला
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को राज्य विधानसभा के द्वार संख्या तीन के सामने इंतजार करना पड़ा क्योंकि राज्यपाल के प्रवेश के लिए मुख्य द्वार बंद था। बाद में उन्होंने मीडियाकर्मियों और अधिकारियों के प्रवेश के लिए फाटक संख्या चार से विधानसभा में प्रवेश किया। उन्होंने इस घटना को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के लिए शर्मनाक बताया।
राज्यपाल धनखड़ ने संवाददाताओं से कहा कि गेट नंबर तीन बंद क्यों है? मेरी पूर्व सूचना के बावजूद गेट बंद है। विधानसभा स्थगित होने का मतलब इसका बंद होना नहीं है।विधानसभा के नियमों के अनुसार द्वार संख्या तीन राज्यपाल के प्रवेश और निकास के लिए तय है।
धनखड़ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी को पत्र लिखकर सुविधाएं देखने और पुस्तकालय का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को अचानक ही दो दिन के लिए पांच दिसंबर तक स्थगित कर दिया था।
अध्यक्ष ने मंगलवार को विधानसभा में कहा था कि जो विधेयक पेश किए जाने थे उन्हें अभी तक राज्पाल की ओर से अनुमति नहीं मिली है, इसलिए विधेयक पेश नहीं हो पाए।
#UPDATE West Bengal Governor Jagdeep Dhankar enters state Assembly from gate number 2 as gate number 1 of the Assembly was closed. https://t.co/c4nUq1Pj2J pic.twitter.com/DkJyCWCRy7
— ANI (@ANI) December 5, 2019
गौरतलब है कि ममता सरकार द्वारा विधानसभा की कार्यवाही अचानक स्थगित होने का आरोप राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर लगाए जाने के बाद उन्होंने कहा था कि न तो वह 'रबड़ स्टांप हैं और न ही पोस्ट ऑफिस' हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी और राज्यपाल के बीच गतिरोध उस समय और भी निचले स्तर पर पहुंच गया जब विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने मंगलवार को सदन को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि विधानसभा में जो विधेयक पेश होने थे, उसे अब तक राज्यपाल से मंजूरी नहीं मिली थी जो अनिवार्य था।