{"_id":"63e7b2203cee8629c10ba7d0","slug":"west-bengal-governor-cv-ananda-bose-statement-on-corruption-and-law-and-order-2023-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति होगी, राज्य में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति होगी, राज्य में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति
Sat, 11 Feb 2023 08:50 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 11 Feb 2023 08:50 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति होगी।
विज्ञापन
सीवी आनंद बोस
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति होगी और राज्य में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजभवन में आमने-सामने की बैठक के दौरान, राज्यपाल ने मजूमदार को यह भी आश्वासन भी दिया कि राज्य में आगामी पंचायत चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे।
विज्ञापन
राजभवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल यह सुनिश्चित करते हैं कि वह आम आदमी के लिए सुलभ हों। जहां तक भ्रष्टाचार का संबंध है, शून्य सहिष्णुता की नीति होगी। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून और व्यवस्था को सावधानीपूर्वक बनाए रखा जाएगा और उचित समय पर प्रभावी और सक्रिय हस्तक्षेप किया जाएगा। चुनावों में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और आगामी पंचायत चुनावों में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाएगा।
विज्ञापन
मजूमदार ने बंगाल की स्थिति के बारे में बताया
मजूमदार ने बोस को पश्चिम बंगाल में मामलों की स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। मजूमदार ने राज्यपाल को यह भी सूचित किया कि राज्य सरकार के मनरेगा, पीएमएवाई (जी) और पीएमजीएसवाई के कार्यान्वयन में कमी पाई गई है और चारों ओर घोर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार है।
विज्ञापन
विशेष रूप से, राज्य सरकार ने हाल ही में केंद्र को पत्र लिखकर पीएम आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत धनराशि तत्काल जारी करने की मांग की थी, जिसमें यह रेखांकित किया गया था कि अगर कोई और देरी हुई तो राज्य 11 लाख घरों के निर्माण की 31 मार्च की समय सीमा को पूरा करने में विफल रहेगा। टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल सरकार भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत राज्य को बकाया राशि तत्काल जारी करने का दबाव बना रही है।