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सुरक्षा: दो दशकों बाद बक्सा में दिखा रॉयल बंगाल टाइगर, जंगल सफारी पर लगी 10 दिनों की रोक
Mon, 13 Dec 2021 02:02 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 13 Dec 2021 02:02 AM IST
सार
जंगल और उसके बाहरी इलाकों में पर्यटकों की बुकिंग रद्द नहीं की जाएगी हाथी सफारी और गहरे इलाकों में जीप की सवारी को 10 दिनों तक अनुमति नहीं दी जाएगी।
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टाइगर रिजर्व में बाघ...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लंबे अंतराल के बाद अलीपुरद्वार जिले के बक्सा जंगल में रॉयल बंगाल टाइगर देखा गया। इसे देखकर जंगल कर्मियों में खुशी का माहौल है। वहीं पर्यटकों के सुरक्षा के मद्देनजर रविवार से 10 दिनों के लिए जंगल में जंगल सफारी पर रोक लगा दी है।
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पर्यटकों को 10 दिनों तक अनुमति नहीं
पश्चिम बंगाल वन विभाग ने जंगल सफारी पर रोक का फैसला रॉयल बंगाल टाइगर तस्वीरें कैमरे में कैद होने के बाद लिया है। वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि जंगल और उसके बाहरी इलाकों में पर्यटकों की बुकिंग रद्द नहीं की जाएगी हाथी सफारी और गहरे इलाकों में जीप की सवारी को 10 दिनों तक अनुमति नहीं दी जाएगी।
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वन मंत्री ने कहा कि हमें पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी सुंदरबन टाइगर रिजर्व से हमारे कर्मी सोमवार को निरीक्षण के लिए क्षेत्र में पहुंचेंगे और पुष्टि करेंगे कि क्या यह रॉयल बंगाल टाइगर है, और यह कहां से आया है। फोटो मिलने से संभावना यही है कि यह रॉयल बंगाल टाइगर है।
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1998 में आखिरी बार एक बाघ को बक्सा फॉरेस्ट में देखा गया था
वन मंत्री मल्लिक ने कहा कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या जानवर पड़ोसी असम से जंगल के गलियारे से बक्सा जंगल पहुंचा है। मंत्री ने कहा कि राज्य असम से 20 बाघों को बक्सा लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में रॉयल बंगाल टाइगर देखा नहीं गया था।1998 में आखिरी बार एक बाघ को बक्सा फॉरेस्ट में देखा गया था।