ओवैसी को बंगाल में लाकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है भाजपा: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को बंगाल में लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है और हिंदू-मुस्लिम वोट आपस में बांटना चाहती है।
West Bengal CM Mamata Banerjee slams BJP for trying to import Asaduddin Owaisi's AIMIM in Bengal to sharpen communal polarisation and divide Hindu-Muslim votes among themselves.
— Press Trust of India (@PTI_News) December 15, 2020विज्ञापन
बता दें कि ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बिहार विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद घोषणा की थी कि वह अगले साल होने वाले बंगाल चुनाव में भी उतरेगी।
बिहार चुनाव में एआईएमआईएम ने पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती हैं।
बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम मतों को विभाजित करने के उद्देश्य से हैदराबाद की एक पार्टी को यहां लाने की खातिर भाजपा करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। योजना है कि हिंदू मत भाजपा के पाले में चले जाएंगे और मुस्लिम मत हैदराबाद की इस पार्टी को मिल जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हाल में हुए बिहार चुनाव में भी उन्होंने यही किया था। यह पार्टी भाजपा की बी-टीम है। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं।
ममता ने केंद्र को दी बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह तीन आईपीएस अधिकारियों को समन भेज कर राज्य के अधिकार क्षेत्र में दखल दे रही है। ममता ने केंद्र को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल को दंगाग्रस्त गुजरात बनाना चाहती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमला नहीं हुआ था। उन्होंने पूछा कि नड्डा के काफिले में ‘सजायाफ्ता मुजरिम’ क्यों थे। ममता ने कहा, यदि भाजपा और केंद्र सरकार सोचती है कि केंद्रीय बल लाकर और राज्य कैडर के अधिकारियों का स्थानांतरण करवाकर हमें डरा देंगे, तो गलत है। ममता ने एक रैली में कहा कि नड्डा या उनके काफिले पर कोई हमला नहीं करना चाहता था। उनके काफिले में इतने वाहन क्यों थे। उन्होंने भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के राष्ट्रगान को बदलने की मांग वाले हाल के उस पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लोग देश के इतिहास और राष्ट्रगान को बदलना चाहते हैं। राज्य की जनता इनको माकूल जवाब देगी।