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TMC Vs BJP: 'GST का 20 हजार करोड़ नहीं मिला, योजनाओं के लिए भी नहीं मिलते पैसा'; ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला
Tue, 16 Sep 2025 05:15 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 16 Sep 2025 05:15 PM IST
सार
CM Mamata Banerjee On Central Govt: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्हें केंद्र से जीएसटी का 20 हजार करोड़ का मुआवजा नहीं मिला है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा केंद्र ने तमाम परियोजनाओं का भी फंड रोक रखा है।
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ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर जीएसटी मुआवजा और योजनाओं के फंड रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को अब तक 20 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा नहीं मिला है। ममता बनर्जी ने कहा, 'हमको प्रोजेक्ट्स के लिए भी फंड नहीं मिलता। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में पश्चिम बंगाल पूरे देश में नंबर एक है।'
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'लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र कहां से आएगा?'
वहीं एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र कहां से आएगा। उन्होंने कहा, 'पहले के समय में संस्थागत प्रसव (हॉस्पिटल में बच्चे का जन्म) आम नहीं था, इसलिए बहुत से लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं। ऐसे में वे एसआईआर के लिए दस्तावेज कहां से लाएंगे?' सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य को उसका बकाया फंड तुरंत जारी किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
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जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला
बता दें कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार ने जीएसटी की चार दरों में दो दरों को हटाने का फैसला किया है। हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी की दो दरों 12 फीसदी और 18 फीसदी को हटाने का फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद 22 सितंबर से सिर्फ जीएसटी की दो दरें पांच फीसदी और 18 फीसदी ही लागू रहेंगी।
यह भी पढ़ें - Karanataka: हाईकोर्ट ने मालूर विधानसभा का चुनाव किया रद्द, वोटों की दोबारा गिनती का आदेश; गड़बड़ी का था आरोप
अभी क्या हैं जीएसटी की दरें?
फिलहाल, 0% टैक्स जरूरी खाद्य वस्तुओं पर, 5% रोजमर्रा की चीजों पर, 12% सामान्य सामान पर, 18% इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवाओं पर, और 28% लग्जरी/ हानिकारक वस्तुओं पर लगता है। वर्तमान जीएसटी ढांचे में सबसे ज्यादा कमाई (65%) 18% टैक्स स्लैब से होती है, जबकि 28% वाले लग्जरी/ हानिकारक सामान से 11%, 12% वाले स्लैब से 5%, और 5% वाले रोजमर्रा के सामान से 7% योगदान आता है।
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'लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र कहां से आएगा?'
वहीं एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र कहां से आएगा। उन्होंने कहा, 'पहले के समय में संस्थागत प्रसव (हॉस्पिटल में बच्चे का जन्म) आम नहीं था, इसलिए बहुत से लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं। ऐसे में वे एसआईआर के लिए दस्तावेज कहां से लाएंगे?' सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राज्य को उसका बकाया फंड तुरंत जारी किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
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जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला
बता दें कि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार ने जीएसटी की चार दरों में दो दरों को हटाने का फैसला किया है। हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी की दो दरों 12 फीसदी और 18 फीसदी को हटाने का फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद 22 सितंबर से सिर्फ जीएसटी की दो दरें पांच फीसदी और 18 फीसदी ही लागू रहेंगी।
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अभी क्या हैं जीएसटी की दरें?
फिलहाल, 0% टैक्स जरूरी खाद्य वस्तुओं पर, 5% रोजमर्रा की चीजों पर, 12% सामान्य सामान पर, 18% इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवाओं पर, और 28% लग्जरी/ हानिकारक वस्तुओं पर लगता है। वर्तमान जीएसटी ढांचे में सबसे ज्यादा कमाई (65%) 18% टैक्स स्लैब से होती है, जबकि 28% वाले लग्जरी/ हानिकारक सामान से 11%, 12% वाले स्लैब से 5%, और 5% वाले रोजमर्रा के सामान से 7% योगदान आता है।