West Bengal: सुवेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका, एकल पीठ के फैसले पर लगाई रोक
इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने गुरुवार को बहुचर्चित सारधा चिटफंड मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष से पूछताछ की मांग करते हुए सीबीआई के निदेशक को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र के साथ घोटाले में ममता व कुणाल के खिलाफ सबूतों की कॉपी भी केंद्रीय जांच एजेंसी को भेजी है।
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पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कलकत्ता पुलिस अब से किसी भी वैध मामले में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस के पास सही जानकारी है तो FIR दर्ज की जा सकती है। पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है। कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा के पहले के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सुवेंदु अधिकारी को पिछले दिसंबर से पश्चिम बंगाल में पुलिस द्वारा एफआईआर से संरक्षण दी गई थी।
ममता-कुणाल से पूछताछ को लेकर सुवेंदु ने सीबीआई को लिखा पत्र
इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अधिकारी ने गुरुवार को बहुचर्चित सारधा चिटफंड मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष से पूछताछ की मांग करते हुए सीबीआई के निदेशक को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र के साथ घोटाले में ममता व कुणाल के खिलाफ सबूतों की कॉपी भी केंद्रीय जांच एजेंसी को भेजी है। सुवेंदु ने खुद ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने पत्र में दावा किया कि मुख्यमंत्री इस चिटफंड घोटाले की लाभार्थी हैं।
उल्लेखनीय है कि कुणाल घोष इस घोटाले में आरोपी हैं और वे जेल भी जा चुके हैं। फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। पत्र में सुवेंदु ने लिखा कि सारधा मामले में कुणाल घोष 34 महीने तक जेल में रहे। जब भी वे पेशी के लिए गए, उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत की और आरोप लगाए। इसके बाद भी ममता बनर्जी से इस मामले में अब तक पूछताछ क्यों नहीं की गई?
उन्होंने सारधा मामले की जांच प्रक्रिया को तेज करने की मांग की। इससे लोगों में एजेंसी के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को सारधा घोटाले की जांच का आदेश दिया था। हालांकि कई वर्षों से इसकी जांच प्रक्रिया लंबित है।