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पश्चिम बंगाल: पंचायत चुनाव से पहले मध्याह्न भोजन में चिकन-फल परोसने पर सियासी जंग, भाजपा-टीएमसी में छिड़ी बहस
Fri, 06 Jan 2023 08:47 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 06 Jan 2023 08:47 AM IST
सार
तीन जनवरी की जारी हुई अधिसूचना की मानें तो प्रत्येक छात्र को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने पर प्रति सप्ताह 20 रुपये की राशि खर्च की जाएगी। यह प्रक्रिया 16 सप्ताह तक चलेगी।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला किया है। सरकार ने जनवरी से अप्रैल तक मध्याह्न भोजन में चिकन और मौसमी फल परोसने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 371 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत फिलहाल मध्याह्न भोजन में चावल, आलू, सोयाबीन और अंडे दिए जा रहे हैं। अब इसके साथ चार महीने तक हर सप्ताह चिकन और मौसमी फल भी परोसे जाएंगे।
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स्कूल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अप्रैल के बाद यह प्रावधान जारी रहेगा या नहीं, इस फैसला बाद में किया जाएगा। तीन जनवरी की जारी हुई अधिसूचना की मानें तो प्रत्येक छात्र को अतिरिक्त पोषण प्रदान करने पर प्रति सप्ताह 20 रुपये की राशि खर्च की जाएगी। यह प्रक्रिया 16 सप्ताह तक चलेगी। राज्य द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में 1.16 करोड़ से अधिक छात्र मध्याह्न भोजन योजना का लाभ उठाते हैं। इस पर होने वाला 60 फीसदी खर्च राज्य सरकार और बाकी 40 फीसदी केंद्र सरकार सरकार उठाती है।
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भाजपा ने उठाया सवाल, TMC का पलटवार
फैसले पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा ने पूछा कि इस साल होने वाले पंचायत चुनावों से पहले ऐसा क्यों किया गया? अगले साल देश में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष पर हर चीज में राजनीति देखने का आरोप लगाया है।
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राजनीतिक मकसद की बू आ रही: भाजपा
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि चुनाव से पहले स्कूली बच्चों को चिकन परोसने का निर्णय टीएमसी सरकार के हृदय परिवर्तन पर सवाल उठाता है। गरीब बच्चों को इन वस्तुओं से वंचित क्यों रखा गया और हाल तक केवल चावल और दाल ही दी गई? पंचायत चुनाव नजदीक होने के कारण इस फैसले से वोट सुरक्षित करने के राजनीतिक मकसद की बू आ रही है।
हर मुद्दे पर राजनीति करना चाहती है भाजपा: TMC
वहीं, टीएमसी के राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा आम लोगों के पक्ष में खड़ी रहती हैं। यह फैसला उस तथ्य की पुष्टि करता है। तृणमूल कांग्रेस एक जन-केंद्रित पार्टी है और यह भाजपा की तरह नहीं है जो हर मुद्दे पर राजनीति करना चाहती है।