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Weather News: ‘बिपरजॉय’ बना बेहद खतरनाक चक्रवाती तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Sun, 11 Jun 2023 04:35 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 11 Jun 2023 04:35 PM IST
सार

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार सुबह जानकारी दी थी कि आज पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर स्थित बिपरजॉय बेहद खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।

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Weather Update Today Biparjoy likely to intensify into extremely severe cyclonic storm, know the details
तटीय इलाकों में दिखने लगा है चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का कहर। - फोटो : PTI

विस्तार

एक बार फिर तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग की माने तो बिपरजॉय और भी भयानक रूप ले सकता है। रविवार सुबह कहा गया था कि अगले कुछ घंटों के भीतर यह बेहद खतरनाक चक्रवाती तूफान (VSCS) में बदल जाएगा। आखिरकार, रविवार करीब डेढ़ बजे बिपरजॉय बेहद खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस तूफान का असर कई तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान यहां तूफान व तेज बारिश होने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि VSCS ‘बिपरजॉय’ के उत्तर की ओर बढ़ने के आसार है। यहां तक की, गुरुवार को पाकिस्तान और उससे सटे सौराष्ट्र और कच्छ के तटों तक इसके पहुंचने की संभावना है।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर स्थित बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय अत्यंत खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसका असर पाकिस्तान तक देखा जाएगा। 15 जून तक यह खतरनाक बिपरजॉय पाकिस्तान और उससे सटे तट तक पहुंच जाएगा। 

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15 जून को सबसे अधिक खतरा
चक्रवात बिपरजोय अरब सागर में केंद्रित है। यह पोरबंदर के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 450 किमी की दूरी पर है। हमारा पूर्वानुमान इसके उत्तर में बढ़ने का है। यह 15 जून की दोपहर तक कच्छ के तट को पार करेगा, जिसकी रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा का पूर्वानुमान लगाई है। मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि 15 जून को सबसे अधिक खतरा है और सब लोगों को घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें। इसके आने से पेड़, बिजली के खंबे, सेलफोन टॉवर उखड़ सकते हैं जिसकी वजह से बिजली और दूरसंचार में व्यवधान आ सकता है। इसकी वजह से खड़ी फसलों का भी नुकसान होगा।

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राजस्थान में कहीं लू तो कहीं बारिश की संभावना

स्थानीय MeT विभाग के अनुसार, राजस्थान में शनिवार को लू की स्थिति जारी रही, जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह राज्य के कुछ हिस्सों में चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय' के कारण बारिश हो सकती है। बता दें, राजस्थान के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में 14-15 जून को बारिश हो सकती है। वहीं, जोधपुर और उदयपुर जिलों में आंधी के साथ बारिश की भी संभावना है।



14 जून तक बंद रहेगा ये बीच

गौरतलब है, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और अन्य तटीय क्षेत्रों को शनिवार को अलर्ट पर रखा गया था, क्योंकि मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी थी कि अगले 24 घंटों में अरब सागर के ऊपर 'बिपरजॉय' तेज होगा। अरब सागर तट पर वलसाड के तीथल बीच पर ऊंची लहरें देखे जाने के बाद इसे 14 जून तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।


भारी बारिश की संभावना

आईएमडी के अनुसार, बिपरजॉय उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण भारतीय क्षेत्र में अगले चार दिनों में बारिश होने की संभावना है। जहां केरल और तटीय कर्नाटक में सोमवार तक भारी बारिश होने की संभावना है, वहीं लक्षद्वीप में रविवार तक बारिश होगी। 

महाराष्ट्र के ये तटीय इलाके अलर्ट पर
एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों सहित महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अगले 24 घंटों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। 



सात दिन की देरी से पहुंचा मानसून
आईएमडी ने कहा कि मानसून अपने निर्धारित समय से सात दिन देरी से गुरुवार को दक्षिण भारतीय राज्य पहुंचा। मौसम विभाग द्वारा यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि चक्रवात बिपरजोय के कारण प्रायद्वीप पर धीमी प्रगति के साथ मौसम प्रणाली की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्रा के अनुसार 15 जून के बाद ही बारिश में तेजी आने की उम्मीद है। 

पांच श्रेणियों में बंटे चक्रवात

हवा की रफ्तार के हिसाब से इन चक्रवातों को पांच श्रेणियों में बांटा जाता है। श्रेणी एक में 119 किलोमीटर प्रति घंटा से 153 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार तक, श्रेणी दो में 154 से 177 किलोमीटर प्रति घंटा, श्रेणी तीन में 178 से 208 किलोमीटर प्रति घंटा, श्रेणी चार में 209 से 251 किलोमीटर प्रति घंटा और श्रेणी पांच में 252 किलोमीटर प्रति घंटा और उससे अधिक रफ्तार के तूफान आते हैं।

 

 

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