Weather Report: दिल्ली में कब होगी बारिश, यूपी और बिहार में कब बरसेंगे बादल? जानें मौसम का ताजा हाल
महाराष्ट्र में इस मानसूनी सीजन में बारिश के कारण हुए हादसों में अब तक 102 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन मौतें पिछले 24 घंटे में हुईं। वहीं गुजरात में अब तक 90 से अधिक लोगों ने जान गवाई हैं। इसके अलावा असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, कछार जिले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे सूबे में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 194 हो गई है।
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विस्तार
महाराष्ट्र, गुजरात और असम समेत कई राज्यों में जहां बाढ़ और बारिश से स्थिति गंभीर हो गई है वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार के लोगों को झमाझम बारिश का बेसब्री से इंतजार है। इस बीच मौसम विभाग ने ट्वीट कर 15 और 16 जुलाई को राजस्थान में तो 19 जुलाई को उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में वहीं 18 और 19 जुलाई को उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार जताए हैं।
बिहार में कब होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 18 जुलाई के बाद ही मानसून सक्रिय हो पाएगा। फिलहाल इसके पहले बारिश की संभावना बहुत कम है। IMD प्रमुख के अनुसार, बीते एक सप्ताह से मानसून की ट्रफ रेखा लगभग एक ही स्थान से गुजरने के कारण बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं हो पा रही है। 17 जुलाई तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी।
यूपी में कब बरसेंगे बादल?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार,18 जुलाई से उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है, जोकि 23 जुलाई तक जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 16 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पाकिस्तान के ऊपर बन रहे चक्रवात के कारण इस समय मानसून का प्रभाव गुजरात और महाराष्ट्र पर ज्यादा है, वहीं अगरचक्रवाती असर नहीं होता तो मानसून की बारिश यूपी और दिल्ली में होती।
अगले सप्ताह खत्म होगा दिल्ली वालों का इंतजार
राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक के बाद भी बारिश को लेकर लोगों को इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। बीते कई दिनों से सूरज और बादलों के बीच लुकाछीपी का खेल चल रहा है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह से मौसमी बदलाव के कारण लोगों का अच्छी बारिश को लेकर इंतजार खत्म हो सकता है। स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के मुताबिक, इस समय मानसून की अक्षीय रेखा मध्य भारत में बनी हुई है। हालांकि, इसका कुछ हिस्सा उत्तर की और बढ़ रहा है। ऐसे में संभावना है कि अगले सप्ताह तक अक्षीय रेखा पूरी तरह उत्तर दिशा की और पहुंच जाएगी, जिससे अच्छी बारिश होने के आसार हैं। आगामी 20 जुलाई तक कुछ जगहों पर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।
महाराष्ट्र में अब तक 102 की मौत
महाराष्ट्र में इस मानसूनी सीजन में बारिश के कारण हुए हादसों में अब तक 102 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन मौतें पिछले 24 घंटे में हुईं। प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को वर्तमान मानसून सीजन (1 जून से 14 जुलाई तक) की रिपोर्ट जारी की। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटों में बुलढाना, नासिक और ननदरबार जिले में एक एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग लापता हैं।
कोराडी थर्मल पावर प्लांट ढहा
बारिश के कारण नागपुर का कोराडी थर्मल पावर प्लांट ढह गया है। आवाजाही की सड़कों पर पानी भर गया है।
#WATCH | Maharashtra: A part of Khasala Ash Bund of Koradi Thermal Power Plant in Nagpur collapsed owing to heavy rainfall, leading to the submerging of all nearby villages in its wastewater & damage to crops pic.twitter.com/kYIkn5pmuO
— ANI (@ANI) July 16, 2022
दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र में बारिश का कहर जारी, राजस्थान में भी झमाझम
दक्षिण गुजरात व सौराष्ट्र में बारिश का कहर शुक्रवार को भी जारी रहा। भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शुक्रवार को दोनों क्षेत्रों की छह तालुकाओं में 200 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में इस क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नवसारी में एक दिन में 811 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राज्य में भारी बारिश के चलते अब तक 90 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
असम में 2,10,746 लोग बाढ़ से प्रभावित
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक असम में 2,10,746 लोग अभी भी बाढ़ से घिरे हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, कछार जिले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे सूबे में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 194 हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित कछार में 1,20,118 लोग अब भी बाढ़ से जूझ रहे हैं, जबकि मोरीगांव में 89,234 लोग प्रभावित हैं। छह जिलों के कुल 799 गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी उफान पर
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बारिश के कारण चिनाब नदी के जल स्तर में वृद्धि हुई है। सरकार ने तटीय क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में भी बारिश की वजह से श्री गंगानगर में कई जगहों जलभराव हुआ।
आंध्र प्रदेश: गोदावरी नदी में आई भीषण बाढ़
गोदावरी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण आंध्र प्रदेश के छह जिलों में 20 लाख से अधिक लोगों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राजामहेंद्रवरम के समीप दोवालेश्वरम में सर आर्थर कॉटन बांध में जलस्तर शनिवार शाम 25 लाख क्यूसेक के पार चला गया तथा इसके और बढ़ने की आशंका है। इससे पहले बांध में अगस्त 2006 में जलस्तर इतना अधिक रहा था। उल्लेखनीय है कि सात अगस्त 2006 को गोदावरी नदी में जलस्तर 28,50,664 क्यूसेक तक पहुंच गया था जबकि 16 अगस्त 1986 को जलस्तर 35.06 लाख क्यूसेक था। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गोदावरी नदी के किनारे स्थित छह जिलों के 44 मंडलों के तहत आने वाले कम से कम 628 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण ‘लंका’ के नाम से मशहूर गांव विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से फिलहाल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
तेलंगाना: चंद्रशेखर राव हवाई सर्वेक्षण करेंगे
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव राज्य के बारिश व बाढ़ प्रभावित इलाकों का रविवार को हवाई सर्वेक्षण करेंगे। राज्य में गोदावरी नदी के आसपास के क्षेत्र, निर्मल जिले में बुरी तरह से प्रभावित कदेम परियोजना और भद्राचलम शहर तक का हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा। इस बीच, भद्राचलम शहर में गोदावरी नदी का जल स्तर शनिवार तड़के 71.30 फुट के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जिसके घटने के संकेत मिले हैं। भद्राचलम में तृतीय चेतावनी स्तर 53 फुट है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शनिवार सुबह 11 बजे जलस्तर 70.50 फुट था।
असम में बाढ़ की स्थित में आया सुधार
असम में शनिवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार आया, लेकिन अब भी पांच जिलों में 1.48 लाख लोग बेहाल हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि
नदियों का जलस्तर और घटा है तथा कोई भी नदी अब खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है। आज प्रभावित जनसंख्या 1,48,645 रही, जबकि कल यह 2,10,746 थी।