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Covid-19: दिल्ली के डॉक्टरों के स्वदेशी कोवैक्सीन के विरोध पर यह बोले स्वास्थ्य मंत्री
Sat, 16 Jan 2021 09:03 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 16 Jan 2021 09:03 PM IST
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन
- फोटो : एएनआई
शनिवार को देश में कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। इसे लेकर शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें एक साल में कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक हद तक सफलता मिल गई है।
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उधर, दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) की ओर से स्वदेशी कोवैक्सीन के स्थान पर ऑक्सफोर्ड- एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड मांग किए जाने पर हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों वैक्सीन सुरक्षित हैं और समान प्रभावी हैं। इसलिए, किसी भी वैक्सीन से सुरक्षा और उसके असर को लेकर कोई असमंजस की स्थिति नहीं है।
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इन डॉक्टरों ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन को लेने से इनकार कर दिया था। वैक्सीन की वितरण प्रक्रिया पर भी विवाद हुआ था। बता दें कि दिल्ली में 81 केंद्रों पर टीकाकरण हो रहा है। इनमें से 75 केंद्रों पर कोविशील्ड और छह केंद्रों पर कोवैक्सीन की खुराक दी जा रही है। इन छह केंद्रों में आरएमएल और एम्स सफदरजंग भी है।
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'देश के लिए संजीवनी की तरह आई हैं वैक्सीन'
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले तीन-चार महीने का ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) और मृत्यु दर का डाटा बताता है कि हम धीरे-धीरे कोविड के खिलाफ जंग में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ जंग में देश के सामने वैक्सीन 'संजीवनी' की तरह आई हैं। ऐसा लगता है कि इस महामारी से जंग में जीत हमें जल्द ही मिल जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'इसकी रफ्तार बढ़ाने के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने दो स्वदेशी वैक्सीन विकसित की हैं। इन वैक्सीन के निर्माण में हमारे वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, वैक्सीन निर्माता उद्योग और देश के उन नागरिकों ने की मदद है जिन्होंने वैज्ञानिकों की मेहनत सफल बनाने के लिए क्लिनिकल ट्रायलों में अपनी इच्छा से हिस्सा लिया।'
To further speed this up, our scientists developed 2 indigenous vaccines with the support of our scientists, doctors, researchers, vaccine manufacturing industry & citizens of India who volunteered for clinical trials to make research of scientists successful: Dr Harsh Vardhan https://t.co/ojsH1epylB
— ANI (@ANI) January 16, 2021
'आज का दिन हमारे लिए बड़ी राहत का दिन'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में जो समस्याएं हमने देखीं, आज का दिन हमारे लिए बड़ी राहत का दिन है। उन्होंने कहा कि एक छोटा तबका ऐसा है जो वैक्सीन के बारे में अफवाहें फैला रहा है। उनकी उपयोगिता, सुरक्षा के बारे में लोगों को भटकाने की कोशिश हो रही है। लेकिन, बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ वैक्सीन लगवाई।
खुद वैक्सीन न लेने के सवाल पर कही ये बात
हर्षवर्धन ने कहा, 'एक ये बहस शुरू हो गई है कि स्वास्थ्य मंत्री या जनप्रतिनिधि वैक्सीन क्यों नहीं लगवा रहे हैं। मुझसे पूछा गया कि मैं वैक्सीन क्यों नहीं ले रहा हूं? मैंने उनसे कहा कि मैं अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करूंगा, जो तब आएगी जब 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन दी जाने लगेगी।' उन्होंने कहा, अगर जनप्रतिनिधि पहले वैक्सीन ले लेते तो शायद लोग कहते कि कि इन नेताओं ने पहले खुद को सुरक्षित कर लिया है। इसलिए, हमें ऐसी चर्चाओं के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए।