Bhupendra Yadav: हम प्रकृति से श्रेष्ठ नहीं हैं; इसका हिस्सा हैं, मंत्री बोले- हमें इसकी रक्षा करनी चाहिए
Bhupendra Yadav: केंद्रीय मंत्री भूपेद्र यादव ने कहा, पिछले 10 वर्षों में हमने सबसे अधिक नई खोजें की हैं। उन्होंने कहा, जैव विविधता की रक्षा करना नरेन्द्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, उन्होंने जैव विविधता के लिए किए जा रहे काम के लिए जेडएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने 2022 में जीव-जंतुओं की 664 नई प्रजातियों की खोज की है।
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केंद्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि हम प्रकृति से श्रेष्ठ नहीं हैं, हम इसका हिस्सा हैंं इसलिए हम सभी को इसकी रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, भारत ने 2022 में जीव-जंतुओं की 664 नई प्रजातियों की खोज की है। उन्होंने कहा, लुप्तप्राय लाल पांडा के संरक्षण और सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए भूटान सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किया गया। वे यहां भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआइ) के 108वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
जैव विविधता की रक्षा करना नरेन्द्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
उन्होंने कहा, पिछले 10 वर्षों में हमने सबसे अधिक नई खोजें की हैं। उन्होंने कहा, जैव विविधता की रक्षा करना नरेन्द्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, उन्होंने जैव विविधता के लिए किए जा रहे काम के लिए जेडएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने 2022 में जीव-जंतुओं की 664 नई प्रजातियों की खोज की है। इसे डेटाबेस में शामिल किया है। पिछले 10 वर्षों में यह सबसे अधिक नई खोजें हैं। उन्होंने कहा, 2022 में 339 नई वनस्पतियों की भी खोज की गईं। इस अवसर पर उन्होंने जेएडएसआई व भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा जीव-जंतुओं व वनस्पतियों की नई प्रजातियों के संकलन व नए रिकॉर्ड 2022 शीर्षक से प्रकाशित किताबों का भी विमोचन किया।
हम प्रक़ृति से श्रेष्ठ नहीं, हिस्सा हैं
यादव ने कहा, मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता के हमारे हालिया अंतर-महाद्वीपीय पुनरुत्पादन को वैश्विक प्रशंसा मिली है। यादव ने कहा, जलवायु परिवर्तन ने मानव श्रेष्ठता के मिथक को तोड़ दिया है। हम प्रकृति से श्रेष्ठ नहीं हैं, हम इसका हिस्सा हैं। इसलिए हम सभी को इसकी रक्षा करनी चाहिए। जेडएसआई ने सभी 10 जैव भौगोलिक क्षेत्रों के जीवों का दस्तावेजीकरण किया है।
लाल पांडा के संरक्षण के लिए भूटान सरकार के साथ एमओयू
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में लुप्तप्राय लाल पांडा के संरक्षण और सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए भूटान सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किया गया। इसकी आबादी भारत की तुलना में भूटान में अधिक है और दोनों देश इस दुर्लभ प्रजाति के संरक्षण में सक्रिय हैं। बंगाल के उत्तरी भाग व पूर्वोत्तर में बहुत सीमित क्षेत्र हैं, जहां लाल पांडा पाए जाते हैं।
गंगा डाल्फिन के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए जेडएसआई: चौबे
इस मौके पर केंद्रीय वन व पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि जेडएसआई को गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली में गंगा डाल्फिन के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जेडएसआई गंगा के मैदानी इलाकों में महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के अनुसंधान और संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करे।