WB Violence: कड़ी सुरक्षा के बावजूद बंगाल में खून बहना जारी, पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से 23 की मौत
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है, लेकिन तीन और मौतें हुईं, जिससे मतदान की तारीखों की घोषणा के बाद से मरने वालों की संख्या 23 हो गई है।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में आठ जून के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई हिंसा की खबरें आई हैं। ताजा घटना मुर्शिदाबाद जिले के उत्तर 24 परगना के कदंबगाछी का है, जहां एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अब्दुल्ला अली के रूप में हुई है। वहीं, मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में एक और व्यक्ति की हत्या कर दी गई।
कूचबिहार के सीताई में बाराविटा प्राइमरी स्कूल में एक मतदान केंद्र में तोड़फोड़ की गई और मतपत्रों में आग लगा दी गई। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके तीन पार्टी कार्यकर्ताओं की रेजीनगर, तुफानगंज और खारग्राम में हत्या कर दी गई है और डोमकोल में दो लोग गोली लगने से घायल हो गए हैं। इसके बाद राज्य में पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से हिंसा में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है।
टीएमसी ने ट्वीट किया, चौंकाने वाली और दुखद घटनाएं मतदाता समुदाय को स्तब्ध कर देती हैं। रेजीनगर, तुफानगंज और खारग्राम में हमारी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है और डोमकोल में दो लोग गोली लगने से घायल हो गए हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा, पश्चिम बंगाल सीपीआईएम और पश्चिम बंगाल कांग्रेस केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। तो, जब केंद्रीय बलों की सबसे ज्यादा जरूरत है तो वे कहां हैं? यह चुनाव शुरू होने से पहले ही लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भारी विफलता का संकेत देता है!
Shocking and tragic incidents send shockwaves through the voting community.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) July 8, 2023
Three of our party workers have been murdered in Rejinagar, Tufanganj and Khargram and two have been left wounded from gunshots in Domkol.
The @BJP4Bengal, @CPIM_WESTBENGAL and @INCWestBengal have been…
खारग्राम में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या
मुर्शिदाबाद के खारग्राम में 52 वर्षीय टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई, जिनकी पहचान सतेशुद्दीन शेख के रूप में हुई है। उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस सड़कों पर उतरे
बंगाल के ग्रामीण लोगों से पंचायत चुनाव में बिना चूके अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह करते हुए शनिवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस मतदान शुरू होने के बाद से ही सड़कों पर उतर आए। वह जिलों के कई इलाकों में मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे। उनका पहला पड़ाव उत्तर 24 परगना में था। राज्यपाल ने शनिवार के पंचायत चुनावों को "मतपत्र और गोलियों के बीच की लड़ाई" बताया और कहा कि वह पूरे राज्य में स्थिति की निगरानी करेंगे और सुधारात्मक कदम उठाएंगे।
2.06 लाख उम्मीदवार मैदान में
राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली की 73,887 सीटों पर चुनाव के लिए कुल 2.06 लाख उम्मीदवार मैदान में हैं। यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्व रखता है क्योंकि यह उनके लिए 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले अपनी संगठनात्मक ताकत और कमजोरियों का आकलन करने का एक अवसर के रूप में काम करेगा, इसके अलावा टीएमसी सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो साल बाद राज्य के मूड को मोटे तौर पर रेखांकित करेगा।
22 जिलों में 63,229 ग्राम पंचायत सीटें और 9,730 पंचायत समिति सीटें हैं, जबकि 20 जिलों में 928 जिला परिषद सीटें हैं क्योंकि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में दो स्तरीय प्रणाली है जिसमें गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) और सिलीगुड़ी उप-विभागीय परिषद शीर्ष पर हैं।
मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें
सुबह छह बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच लोग जल्दी ही बाहर निकल आए। सत्तारूढ़ टीएमसी जिला परिषदों की सभी 928 सीटों, पंचायत समितियों की 9,419 सीटों और ग्राम पंचायतों की 61,591 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा ने 897 जिला परिषद सीटों, 7,032 पंचायत समिति सीटों और ग्राम पंचायतों की 38,475 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
सीपीआई (एम) 747 जिला परिषद सीटों, 6,752 पंचायत समिति सीटों और 35,411 ग्राम पंचायत सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस 644 जिला परिषद सीटों, 2,197 पंचायत समिति सीटों और 11,774 ग्राम पंचायत सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चुनाव के लिए लगभग 70,000 राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों की 600 कंपनियां तैनात की गई हैं।