WAVES 2025: 'उपनिवेशवाद ने बहुलवाद को दबाया, परंपराओं के लिए आवाज बुलंद करने की जरूरत', समिट में बोले जयशंकर
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि अतीत में उपनिवेशवाद और बड़ी शक्तियों के प्रभुत्व की वजह से बहुलवाद को दबाया गया। वैश्विक व्यवस्था को लोकतांत्रिक बनाने के प्रयासों के बीच परंपराओं, विरासत और विचारों के लिए आवाज बुलंद करना जरूरी है। जयशंकर विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) में सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ वैश्विक मीडिया संवाद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मजबूत रचनात्मकता में योगदान देने के लिए प्रतिभाशाली युवाओं के लिए सहज गतिशीलता की भी जोरदार वकालत की।
'प्रौद्योगिकियों का गैर-जिम्मेदाराना उपयोग एक बढ़ती हुई चिंता'
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच विदेश मंत्री ने आगाह किया कि उभरती प्रौद्योगिकियों का गैर-जिम्मेदाराना उपयोग एक बढ़ती हुई चिंता होगी। आज या आने वाले समय में जब भी इस पर विचार किया जाएगा तो पूर्वाग्रह को कम करना, लोकतंत्रीकरण करना और नैतिकता को प्राथमिकता देना सभी उसका हिस्सा होंगे।
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60 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया
जयशंकर ने 60 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि दुनिया अनिवार्य और आंतरिक रूप से विविध है। अतीत में उपनिवेशवाद और बड़ी शक्तियों के प्रभुत्व दोनों की ओर से बहुलवाद को दबा दिया गया। चूंकि हम अब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लोकतांत्रिक बनाना चाहते हैं, इसलिए केवल राजनीतिक और आर्थिक स्वतंत्रता का दावा करना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी उतना ही आवश्यक है कि हम अपनी परंपराओं, अपनी विरासत, विचारों, प्रथाओं और अपनी रचनात्मकता को आवाज दें।
'हर किसी को खुद को अभिव्यक्त करने का अधिकार'
जयशंकर ने कहा कि दुनिया में कई आवाजें, कई अनुभव और कई सत्य हैं। हर किसी को खुद को अभिव्यक्त करने का अधिकार है। ऐसा करने में सुविधा होनी चाहिए।
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