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पानी ने मचाई तबाही: नेपाल में बारिश से बिहार में और विकराल होगी बाढ़; 13.5 लाख लोग प्रभावित

Sun, 29 Sep 2024 05:53 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 29 Sep 2024 05:53 AM IST
सार

बिहार सरकार ने राज्य के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद क्षिप्रा नदी उफान पर है और उज्जैन के कई इलाकों में पानी भर गया है। हिमाचल में भी 27 सड़कें बारिश के कारण बंद हैं।

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Water caused havoc: Due to rain in Nepal, floods in Bihar will become worse
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेपाल में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते बिहार पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कोसी, गंडक, बुढ़ी गंडक, कमला बलान, बागमती और गंगा समेत अन्य नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गया है। बीरपुर और वाल्मीकिनगर बैराज के फाटक खोलने पड़े हैं।

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बिहार सरकार ने राज्य के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद क्षिप्रा नदी उफान पर है और उज्जैन के कई इलाकों में पानी भर गया है। हिमाचल में भी 27 सड़कें बारिश के कारण बंद हैं। बिहार के जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि कोसी के बढ़ते जल स्तर के चलते बीरपुर में नदी पर बने बैराज के सभी 56 फाटक खोलने पड़े हैं।
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1968 के बाद से यह पहली बार है कि बैराज के सभी फाटक खोलने पड़े हैं। मल्ल के मुताबिक, शनिवार दोपहर दो बजे तक बीरपुर बैराज से 5.31 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो 56 साल में सर्वाधिक है। इसी तरह वाल्मीकिनगर बैराज से भी दोपहर तक 4.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते पश्चिमी और पूर्वी चंपारण जिलों के कई ब्लॉक में निचले इलाकों में पानी भर गया है।
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गंगा किनारे के 12 जिलों में पहले से ही लोग बेहाल
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बारिश के चलते पहले ही गंगा किनारे के 12 जिलों में अचानक बाढ़ आने के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया ता। इनमें बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, समस्तीपुर, बेगुसराय, मुंगेर और भागलपुर जिले शामिल हैं। इन जिलों में 13.5 लाख से अधिक लोग पहले ही अत्यधिक बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं।


हिमाचल में 131 बिजली आपूर्ति संयंत्र ठप
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते 27 सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया था। नैना देवी में सबसे ज्यादा 84.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के चलते भूस्खलन से अकेले कांगड़ा जिले में 10 सड़कें बंद हो गई हैं। बारिश के चलते 131 बिजली आपूर्ति संयंत्र भी प्रभावित हुए हैं। इसके चलते कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और इलाके अंधेरे में डूब गए हैं।

मूसलाधार बारिश के चलते गुजरात के दाहोद जिले में कच्चा मकान गिरने से पांच साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और दो छोटे भाई-बहन घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि हादसा तड़के तीन बजे हुए, जब सभी लोग नीद में थे। घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भी भारी बारिश हुई है।

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