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मनमोहन-चिदंबरम पर लगा 'डूबते' माल्या को बचाने का आरोप, बीजेपी ने दिखाई चिट्ठियां

Mon, 30 Jan 2017 05:10 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 Jan 2017 05:10 PM IST
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Was the Congress helping out the sinking Airlines? says BJP
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा - फोटो : ANI
विजय माल्या केस में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम घिरते नजर आ रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने पत्र जारी कर माल्या और दोनों कांग्रेसी नेताओं के बीच हुए पत्राचार को सार्वजनिक किया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 
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पात्रा ने कहा कि विजय माल्या को पहला लोन 2004 में दिया गया और उसके बाद 2008 में दिया गया बावजूद इसके लिए माल्या का एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) जगजाहिर था। बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि माल्या के लोन को 2010 में एक बार फिर सुधारा गया। बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल करते हुए कहा कि क्या डूबता जहाज (कांग्रेस) डूबते हुए एयरलाइंस को बचा रही थी। 
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माल्या ने लिखीं दो-दो चिट्ठियां

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फाइलः विजय माल्या किंगफिशर की मॉडल्स के साथ - फोटो : PTI
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने दावा किया कि विजय माल्या मनमोहन सिंह से मिले थे, जिन्होंने माल्या को टॉप ब्यूरोक्रेट्स से मिलने और बात करने के लिए कहा। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक मनमोहन के निर्देश पर माल्या उनके सलाहकार टी.के.ए. नायर से मिले। इतना ही नहीं तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माल्या की मदद के लिए संबंधित मंत्रालयों से खुद बात की। 

पात्रा ने बताया कि माल्या ने मनमोहन सिंह और चिदंबरम को दो-दो पत्र लिखे। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक प्रधानमंत्री को माल्या ने पहली बार चिट्ठी 4 अक्टूबर 2011 को और दूसरी चिट्ठी 22 नवंबर 2011 को लिखी, जबकि तत्कालीन वित्तमंत्री को माल्या ने 21 मार्च 2013 और 22 मार्च 2013 को दो चिट्ठियां लिखीं। 

किंगफिशर को मुश्किल से बाहर निकालने का रास्ता
संबित पात्रा ने कहा, '4 अक्टूबर 2011 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखी अपनी पहली चिट्ठी में माल्या में माल्या ने किंगफिशर को मदद करने पर खुशी जाहिर की। माल्या ने पत्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री को कहा कि उन्होंने किंगफिशर एयरलाइन की मदद की, इस बात की उन्हें बेहद खुशी है।'

पात्रा ने कहा कि किंगफिशर की मदद से पुष्टि 14 नवंबर 2011 को आए मनमोहन सिंह के बयान से भी होती है। उस दिन प्रधानमंत्री ने कहा था कि 'हमने किंगफिशर को मुश्किल से निकालने का रास्ता निकाल लिया।' 

माल्या पर आरोप?
गौरतलब है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में 17 बैंकों के समूह ने प्राधिकरण की बेंगलुरु पीठ से अपील की थी कि माल्या और किंगफिशर से 6,203 करोड़ रुपये के रकम की वसूली की जाए। 26 जुलाई 2013 से कर्ज नहीं चुकाने पर मूल रकम पर 11.5 फीसदी का सालाना ब्याज भी लगाया गया है। फिलहाल विजय माल्या लंदन में हैं और उन्हें एक भारतीय अदालत ने भगोड़ा अपराधी घोषित किया है। 
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