पवार का खुलासा: मुंबई दंगों के दौरान महाराष्ट्र का सीएम बनने को नहीं था तैयार, भावनात्मक दबाव डाला गया
शरद पवार ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि अपने गृह राज्य वापस आना और एक बार फिर से मामलों को संभालना उनके लिए भावनात्मक फैसला था।
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राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि वह मुंबई में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हुए दंगों के दौरान केंद्र से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में वापस आने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन उन्हें भावनात्मक बनाया गया और 1993 में सत्ता की बागडोर संभालने के लिए कहा गया। पवार तब कांग्रेस में प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री थे और मार्च 1993 में सुधाकर राव नाइक की जगह महाराष्ट्र के सीएम के रूप में पदभार संभाल रहे थे। यह पूछे जाने पर कि क्या 1993 में दिल्ली से मुख्यमंत्री के रूप में महाराष्ट्र वापस आने का उनका निर्णय था, पवार ने नहीं में उत्तर दिया। पवार ने याद किया, बाबरी मस्जिद विध्वंस (दिसंबर 1992 में) के बाद मुंबई में दंगे भड़क उठे थे। मुंबई में सामान्य जीवन 14 से 15 दिनों के लिए ध्वस्त हो गया था। मैं पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री था। मुझे महाराष्ट्र जाकर कमान संभालने को कहा गया था।
मुंबई दंगों के कारण केंद्र से महाराष्ट्र भेजा गया
पवार पुणे में मराठी दैनिक 'लोकसत्ता' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसके संपादक गिरीश कुबेर ने इस अवसर पर उनका साक्षात्कार लिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शुरू में वह राज्य की कमान संभालने के इच्छुक नहीं थे और वापस दिल्ली चले गए, लेकिन आखिर में सीएम के रूप में कार्यभार संभालने के लिए लौट आए। पवार ने कहा कि उन्हें फिर से वापस आने का कारण यह था कि मुंबई में दंगे भड़क गए थे। दंगों के और तेज होने के बाद पीएम राव, एनकेपी साल्वे, मेरे और कुछ अन्य नेताओं के बीच चर्चा हुई कि अगर मुंबई में शांति वापस नहीं आती है, तो दुनिया में एक संदेश जाएगा कि देश स्थिरता से दूर जा रहा है क्योंकि मुंबई का दुनिया भर में विशेष महत्व है।
पवार ने कहा कि अपने गृह राज्य वापस आना और एक बार फिर से मामलों को संभालना उनके लिए भावनात्मक फैसला था। मुझे पीएम के आवास पर बुलाया गया और बताया गया कि राज्य में लौटने के अलावा और कोई चारा नहीं है। मैं जाने को तैयार नहीं था। 6 घंटे से अधिक समय तक, यह जोर दिया गया कि मैं मुंबई चले जाऊं। मुझे भावुक कर दिया गया और कहा गया कि मैं जिस राज्य में पैदा हुआ और पला-बढ़ा, और जहां से यहां (दिल्ली) आया गया, वह जल रहा है और ऐसे में अगर आप जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं, तो यह दुख की बात होगी।
पवार ने की पीएम मोदी के कामकाज के तौर तरीकों की तारीफ
शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक क्षमता की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जब कोई कार्य अपने हाथ में लेते हैं तो वह उसे हर हाल में पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का स्वभाव ऐसा है कि उस काम को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास करते हैं और उसके लिए समय देते हैं।